लिंचिंग / किसी को पीट-पीटकर मार देना और उससे जय श्रीराम का नारा लगवाना, हिंदू धर्म का अपमान: कर्ण सिंह

शशि थरूर की किताब 'द हिंदू वे: एन इंट्रोडक्शन टू हिंदुइज्म' की लॉन्चिंग के मौके पर कर्ण सिंह।

  • कर्ण सिंह ने कहा- भगवान श्रीराम तो दयालु थे, क्या भीड़ किसी को पीट-पीटकर मारने के दौरान उनका नाम लेगी?
  • थरूर ने कहा- लिंचिंग के नाम पर जो किया जा रहा है, वह हिंदू धर्म का मूल सिद्धांत नहीं
  • बीते दिनों झारखंड में एक मुस्लिम युवक तबरेज अंसारी को खंभे से बांधकर पीटा गया था

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 09:50 AM IST

नई दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने गुरुवार को दिल्ली में कहा कि किसी निहत्थे को पीट-पीटकर मार देना और उससे जय श्रीराम का नारा लगवाना केवल हिंदू धर्म ही नहीं बल्कि ईश्वर का भी अपमान है। कर्ण ने यह बात शशि थरूर की नई किताब 'द हिंदू वे: एन इंट्रोडक्शन टू हिंदुइज्म' की लॉन्चिंग के मौके पर कही।

कर्ण ने झारखंड के एक लिंचिंग के मामले का जिक्र किया। इसमें एक मुस्लिम युवक तबरेज अंसारी को खंभे से बांधकर पीटा गया था। युवक पर कथित रूप से पशु चोरी का आरोप लगाया गया और उससे जय श्रीराम के नारे लगाने को भी कहा। घटना को कई न्यूज चैनलों ने भी दिखाया था। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अंसारी की मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई।

‘हिंदू होने के नाते आहत हुआ’
कर्ण ने कहा कि भगवान श्रीराम तो दयालु थे। क्या आपको लगता है कि एक गरीब लड़के को पीट-पीटकर मारने के दौरान भीड़ उनका (श्रीराम) नाम लेगी? मैंने वह क्लिप देखी। एक हिंदू होने के नाते इससे मैं आहत हुआ।

बुक लॉन्चिंग के बाद चर्चा के दौरान थरूर ने कहा, ‘‘लिंचिंग के नाम पर जो किया जा रहा है, वह हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व नहीं करता। एक विचारधारा के तहत जय श्रीराम का नारा लगाने को ही प्रमुखता दी जाती है, जबकि इसका भगवान श्रीराम से कोई लेना-देना नहीं है। हमने तो बस राम की पूजा और प्रार्थना करना ही सीखा है। समस्या तब पैदा होती है, जब कुछ लोग धर्म के उदात्त आदर्शों के उलट व्यवहार करते हैं। हम खुद को हिंदू मानते हैं। हमें नहीं लगता कि वे हमारे लिए कुछ बोलते हैं।’’

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