- मारुति सुजुकी की कुल बिक्री 32.7% घटी, 1.06 लाख गाड़ियां बेची, अगस्त 2018 में 1.58 लाख बिकी थीं
- मारुति ने अगस्त में 10123 सस्ती कारें बेची, पिछले साल यह आंकड़ा 35895 रहा था
- ह्युंडई, महिंद्रा, टाटा और होंडा की बिक्री में भी 9.5 से 57% तक की गिरावट
Dainik Bhaskar
Sep 02, 2019, 09:47 AM ISTनई दिल्ली. देश की बड़ी कार निर्माता कंपनियों की वाहन बिक्री में अगस्त में भी दो अंकों की तेज गिरावट देखने को मिली है। इनमें मारुति सुजुकी, ह्युंडई, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और होंडा जैसी कंपनियां शामिल हैं। यह बताता है की देश का ऑटो सेक्टर अपने इतिहास की सबसे बुरी सुस्ती के दौर से गुजर रहा है। देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता मारुति सुजुकी की अगस्त बिक्री 32.7% घटी है। कंपनी ने कुल 1.06 लाख वाहन बेचे हैं। इसी तरह टाटा मोटर्स की बिक्री में 57.8% की गिरावट देखने को मिली है। होंडा कार्स इंडिया और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की बिक्री क्रमश: 51.2%, 20.8% घटी है। महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 9.5% घटी है।
देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता मारुति सुजुकी की यात्री वाहनों के सेगमेंट में यूटिलिटी व्हीकल (यूवी) की बिक्री अगस्त में 3.1% बढ़ी है। लेकिन सस्ती कारों की बिक्री में 71.8% गिरावट देखने को मिली है। कंपनी ने यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में जिप्सी, अर्टिगा, एक्सएल6, विटारा ब्रेज़ा और एस-क्रॉस जैसी कुल 18,522 गाड़ियां बेची। पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 17,971 रहा था। जहां तक सस्ती कारों की बिक्री की बात है तो यह बुरी तरह प्रभावित चल रही है। कंपनी अगस्त में अल्टो और ओल्ड वैगनआर मॉडल की 10,123 गाड़ियां ही बेच पाई।
टॉप-6 कंपनियों के अगस्त में बिक्री के आंकड़े
| कंपनी | अगस्त-18 | अगस्त-19 | गिरावट |
| मारुति सुजुकी | 1,58,189 | 1,06,413 | 32.7% |
| ह्युंडई मोटर इंडिया | 61,912 | 56,005 | 9.5% |
| महिंद्रा एंड महिंद्रा | 48,324 | 36,085 | 25.3% |
| टाटा मोटर्स | 17,351 | 7,316 | 57.8% |
| होंडा कार्स इंडिया | 17,020 | 8,291 | 51.2% |
| टोयोटा किर्लोस्कर | 14,581 | 11,544 | 20.8% |
ई-वाहनों की लागत सामान्य से 2.5 गुना अधिक
- मारुति सुजुकी के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में ज्यादातर ई-वाहन की लागत इसी तरह के परंपरागत इंजन वाले वाहन की तुलना में करीब ढाई गुना होगी।
- एक अध्ययन के अनुसार 60% लोगों के पास अपनी पार्किंग नहीं है। वे किसी भी तरीके से चार्जिंग नहीं कर सकते।
- टैक्सी चलाने वालों के लिए ई-वाहनों की मौजूदा लागत सीएनजी/डीजल वाहन की तुलना में आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं बैठेगी।
हीरो मोटो की बिक्री मासिक आधार पर 1.5% बढ़ी
देश की प्रमुख दोपहिया निर्माता हीरो मोटोकॉर्प की वाहन बिक्री इस साल अगस्त में मासिक आधार पर 1.5% बढ़ी है। कंपनी ने अगस्त मेें 5,43,406 लाख मोटरसाइकिल और स्कूटर बेचे। इससे पिछले जुलाई में हीरो मोटो कॉर्प ने 5,35,810 मोटरसाइकिल और दोपहिया वाहन बेचे थे।
मारुति को ईवी के कारोबारी मॉडल को अपनाने में दिक्कत
मारुति सुजुकी की योजना अगले साल अपना पहला इलेक्ट्रिक वाहन पेश करने की है। इस बीच कंपनी ने माना है कि ई-वाहनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती, निर्माण लागत अधिक होना, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का न होना और ग्राहकों की स्वीकार्यता बढ़ाने की है। इनके लिए कंपनी को कारोबारी मॉडल अपनाने में भी दिक्कत आ रही है। मारुति सुजुकी इंडिया के सीनियर एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इंजीनियरिंग) सीवी रमन ने कहा, जब तक ई-वाहन बनाने की लागत में उल्लेखनीय रूप से कमी नहीं आती, इन्हें बड़े पैमाने पर बनाना मुमकिन नहीं होगा। मारुति ने पिछले साल सितंबर में राष्ट्रीय स्तर पर ई-वाहनों के बेड़े का परीक्षण शुरू किया था।
जीएसटी में कमी का प्रस्ताव काउंसिल के सामने रखेगी सरकार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वाहनों पर जीएसटी रेट में कटौती करना पूरी तौर पर उनके हाथ में नहीं है। रेट कट पर निर्णय जीएसटी काउंसिल करेगी। वे आर्थिक गतविधियों में तेजी लाने के सरकार के उपायों पर रविवार को चेन्नई में मीडिया से चर्चा कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने यह विचार व्यक्त किए। वित्त मंत्री ने कहा, मंदी की मार झेल रहे ऑटो उद्योग को राहत देने के लिए सरकार वाहनों पर जीएसटी रेट में कटौती का प्रस्ताव जीएसटी काउंसिल के सामने रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने के लिए और कदम उठाए जाएंगे। सभी उद्योग क्षेत्रों की चिंताएं दूर करने पर सरकार फोकस है। जीएसटी काउंसिल की 37वीं बैठक 20 सितंबर को गोवा में होनी है।