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राम मंदिर के भूमि पूजन पर संघ प्रमुख:मोहन भागवत ने कहा- आज सदियों की आस पूरी होने का आनंद है, भारत को आत्मनिर्भर बनाने का अनुष्ठान पूरा हुआ

अयोध्या5 महीने पहले
  • भूमि पूजन के दौरान मोहन भागवत प्रधानमंत्री मोदी के बाईं तरफ बैठे थे, कहा- कोई अपवाद नहीं, क्योंकि सब राम के हैं और राम सबके हैं
  • संघ प्रमुख बोले- मन मंदिर कैसा हो, हमारे हृदय में भी राम का बसेरा होना चाहिए। सभी दोषों, विकारों और शत्रुता से मुक्त होना चाहिए
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अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एक संकल्प लिया था। मुझे याद है कि तब के सरसंघचालक बाला साहब देवरस ने कदम बढ़ाने से पहले यह बात याद दिलाई थी कि 20-30 साल लगेंगे। आज हमें इस संकल्प पूर्ति का आनंद मिल रहा है। बहुत लोगों ने बलिदान दिए हैं, जो सूक्ष्म रूप से उपस्थित हैं। कुछ ऐसे हैं, जो यहां आ नहीं सकते। आडवाणीजी अपने घर पर बैठे यह कार्यक्रम देख रहे होंगे। सबसे बड़ा आनंद है भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिस विश्वास और आत्मभाव की जरूरत थी, वह अधिष्ठान पूर्ण हो रहा है।

संघ प्रमुख के संबोधन की 3 बातें

1. कुछ और लोग मौजूद होते तो अच्छा होता
जितना हो सके सबको साथ लेकर आगे चलने की विधि एक बनती है, उसका अधिष्ठान बन रहा है। परम वैभव संपन्न और सबका कल्याण करने वाला भारत उसके निर्माण का शुभारंभ आज जिनके हाथ में सबका व्यवस्थागत नेतृत्व है, उनके हाथ से हो रहा है, तो और अच्छा होता। अशोक सिंघल और रामचंद्र परमहंस होते तो और अच्छा होता।

2. सब राम के और राम सब के
आज आनंद है कि हमें यह करना है। अभी कोरोना का दौर चल रहा है, सारा विश्व विचार कर रहा है कि कहां गलती हुई और कैसे रास्ता निकला। दो रास्तों को देख लिया, तीसरा रास्ता है क्या। तीसरा रास्ता हमारे पास है? प्रभु श्रीराम के चरित्र से आज तक देखेंगे तो पराक्रम, पुरुषार्थ और वीरत्व हमारे भीतर है। आज इस दिन से हमें यह विश्वास और प्रेरणा मिलती है। कोई अपवाद नहीं है, क्योंकि सब राम के हैं और राम सबके हैं।

3. हृदय में राम होना जरूरी
हम सब लोगों को अपने मन की अयोध्या को सजाना है। इस भव्य कार्य के लिए प्रभु श्रीराम जिस धर्म के विग्रह माने जाते हैं, वह सबको जोड़ने वाला, सबकी उन्नति मांगने वाला धर्म है। उसकी ध्वजा को फहराकर हम सबकी उन्नति चाहने वाला भारत बना सकें। मन मंदिर कैसा हो, हमारे हृदय में भी राम का बसेरा होना चाहिए। सभी दोषों, विकारों और शत्रुता से मुक्त होना चाहिए। दुनिया की माया कैसी भी हो, लेकिन सब प्रकार से व्यवहार करना चाहिए।

मंच पर सिर्फ 5 लोग
श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भूमिपूजन के लिए जो मंच बनाया गया, वहां सिर्फ पांच लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास मौजूद थे।

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