प्रवासी दिवस / आज वाराणसी पहुंचेंगे पीएम मोदी, मॉरीशस के प्रधानमंत्री भी रहेंगे मौजूद

  • समापन समारोह में बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे
  • करीब 150 से अधिक देशों से पहुंचे प्रवासी भारतीय
  • 5 हजार से अधिक प्रावसी भारतीय सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2019, 07:20 AM IST

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वाराणसी मेंप्रवासी भारतीय सम्मेलनको संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रवासी भारतीयों की यात्रा को आसान बनाने के लिए कई अहम कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि भारत जल्द ही चिप आधारित ई-पासपोर्ट जारी करेगा।


मोदी ने कहा, "अब तो एक कदम आगे बढ़ाते हुए चिप-आधारित ई पासपोर्ट जारी करने की दिशा में काम चल रहा है। इसके लिए वैश्विक पासपोर्ट सेवा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इससे पासपोर्ट सेवा से जुड़ा एक केंद्रीकृत प्रणाली तैयार होगी।''

वीजाकी प्रक्रिया सरल करने के लिए काम कर रही सरकार- मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा- सरकार प्रवासी भारतीयों के लिए पीआईओ, वीजा और ओसीआई कार्ड को सोशल सिक्योरिटी सिस्टम से जोड़ने का प्रयास कर रही है, जिससे वीजा जारी करने की प्रक्रिया सरल हो सके।

'काशी और प्रवासियों में एक समानता'

मोदी ने कहा- काशी और प्रवासियों में एक समानता है। काशीभारत के संस्कृतिक और दार्शनिक ज्ञान से दुनिया को चिरकाल से परिचित कराती रही है। प्रवासी भी दुनिया को भारत की ऊर्जा से परिचित करा रहे हैं। इस कार्यक्रम में150 देशों के5000 से ज्यादा प्रवासी भारतीय शामिल हुए।इससे पहलेसोमवार कोउत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ औरविदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने तीन दिवसीय(21 से 23 जनवरी तक) प्रवासी सम्मेलन का उद्घाटन किया था।

हमने दुनिया की सोच बदल दी

मोदी ने अपने संबोधन मेंकहा,‘‘पहले लोग कहते थे कि भारत बदल नहीं सकता, हमने यह सोच बदल दी। दुनिया आज हमारे सुझावों को गंभीरता के साथ सुन और समझ रही है। पर्यावरण की सुरक्षा और विश्व की प्रगति में दुनिया भारत का योगदान स्वीकार कर रही है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस के माध्यम से दुनिया को हम वन सन, वन ग्रिड की ओर ले जाना चाहते हैं। हम रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और सबका साथ-सबका विकास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।’’

5 लाख 80 हजार करोड़ रुपएलोगों के खाते में ट्रांसफर किए

मोदी ने कहा,‘‘एक पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था- दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो लोगों तक 15 पैसे पहुंचते हैं। 85 पैसे छूमंतर हो जाते हैं। एक पार्टी ने जितने साल शासन किया, उस पार्टी की बीमार शासन व्यवस्था को तो उन्होंने स्वीकार किया, लेकिन इसका इलाज नहीं किया। हमने 85 पैसे की इस लूट को शत प्रतिशत खत्म कर दिया। बीते साढ़े चार साल में करीब 5 लाख 80 हजार करोड़ रुपए (80 बिलियन डॉलर) सीधे लोगों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए। ये सुधार पहले भी हो सकता था लेकिन नीयत नहीं थी, इच्छाशक्ति नहीं थी।’’

हेमामालिनी की नृत्य प्रस्तुति भीहोगी

कार्यक्रम के दौरानसांसद औरअभिनेत्री हेमा मालिनी नृत्यनाटिका प्रस्तुत करेंगी। माॅरीशस की लेखिका रेशमी रामधोनी की किताब 'प्राचीन भारत की संस्कृति और नागरिकता'का विमोचनभी किया जाएगा।इस साल के प्रवासी सम्मेलन का विषय ‘नये भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका’ है। कार्यक्रम में प्रविंद जगन्नाथ मुख्य अतिथि, नार्वे के सांसद हिमांशु गुलाटी विशिष्ट अतिथि और न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बख्शी गेस्ट ऑफ ऑनर होंगे।


अटलजी ने शुरू किया था प्रवासी भारतीय दिवस
प्रवासी भारतीय सम्मेलन की शुरुआत तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2009 में की थी। यहहर दो साल में होता है। पहला कार्यक्रम9 जनवरी को किया गया था। दरअसल,1915 में इसी तारीख कोमहात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। लिहाजा सरकार ने 9 जनवरी को प्रवासी दिवस मनाने का फैसला लिया।

कुंभ की वजह से बदली गई तारीख

इस बार इसकी तारीखों में बदलाव किया गया।इसका मकसद यहां आने वाले प्रवासियों को कुंभ मेले कीभव्यता से परिचय कराना है।

बाएं से सुषमा स्वराज, मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ, नरेंद्र मोदी और राज्यपाल राम नाइक।
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