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राफेल/ लगता है ओलांद का बयान राहुल को पहले से पता था, इसमें कुछ जुगलबंदी है: जेटली



जेटली ने कहा- ओलांद ने खुद अपना बयान एक दिन में ही बदल दिया। -फाइल
  • राहुल ने राफेल को लेकर ट्वीट में कहा था- एक-दो हफ्ते में बम चलने वाले हैं
  • जेटली का सवाल- उन्हें कैसे पता था कि ऐसा बयान आने वाला है?
  • जेटली ने कहा- आरोपों की वजह से राफेल सौदा रद्द नहीं होगा
Dainik Bhaskar | Sep 23, 2018, 07:25 PM IST

नई दिल्ली. राफेल डील पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद के बयान के बारे में पहले से पता था। उन्होंने कहा- राहुल ने 30 अगस्त को इस संबंध में एक ट्वीट भी किया था। वहीं, राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री को अब झूठ बोलना बंद करके जेपीसी जांच का आदेश देना चाहिए।
 

राहुल के ट्वीट, ओलांद के बयान में कनेक्शन

  1. न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में जेटली ने कहा, "राहुल 30 अगस्त को ट्वीट करते हैं कि फ्रांस के अंदर कुछ बम चलने वाले हैं। ये उनको कैसे मालूम की बयान ऐसा आने वाला है?"

     

  2. उन्होंने कहा, "ये जो जुगलबंदी है इस तरह की, मेरे पास कुछ सबूत नहीं हैं, लेकिन मन में प्रश्न खड़ा होता है। ओलांद के बयान और राहुल गांधी के ट्वीट योजनाबद्ध तरीके से सामने आए हैं।" 

  3. "कुछ बयानों का काम विवाद खड़ा करना होता है। लेकिन इनमें से कई बयानों को तथ्य और हालात गलत सिद्ध कर देते हैं। फ्रांस सरकार और दैसो कंपनी ने गलत सिद्ध कर दिया। ओलांद ने खुद अपना बयान एक दिन में ही बदल दिया।"

  4. कांग्रेस के आरोपों पर जेटली ने कहा, "राफेल स्कैम क्या है? भारत को हथियारों से लैस विमान मिलेंगे। राफेल जैसा जहाज कारगिल युद्ध के समय होता तो वह ऑपरेशन दो या तीन दिन में खत्म हो जाता है। यह स्कैम नहीं है। चीन के पास राफेल हैं, पाकिस्तान बनाने शुरू कर चुका है। राफेल वायुसेना की आवश्यकता है।"

  5. वित्त मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि आरोपों के बावजूद राफेल सौदा रद्द नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खामोशी पर उन्होंने कहा कि जिन्हें बोलना है वे बोल रहे हैं। 

  6. जेटली ने राहुल को गैरजिम्मेदार बताते हुए कहा, "ये सार्वजनिक भाषण है लाफ्टर चैलेंज नहीं है। आप कभी किसी को हग कर लो, आंख मारो, फिर गलत बयान 10 बार देते रहो। लोकतंत्र में प्रहार होते हैं, लेकिन शब्दावली ऐसी हो जिसमें बुद्धि दिखाई दे।"

  7. ओलांद ने कहा- फ्रांस के पास कोई विकल्प नहीं था

    ओलांद ने शुक्रवार को कहा था कि फ्रांस के सामने रिलायंस को स्थानीय भागीदार के रूप में चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। हमें सिर्फ रिलायंस डिफेंस का नाम दिया गया था।

  8. हालांकि, 24 घंटे बाद ओलांद ने अपना बयान बदलते हुए कहा था कि रिलायंस को चुने जाने के बारे में राफेल बनाने वाली दैसो कंपनी ही कुछ बता सकती है। ओलांद ने ही सितंबर 2016 में हुई राफेल डील पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हस्ताक्षर किए थे। 
     

  9. भाजपा का हैशटैग- राहुल का पूरा खानदान चोर

    इससे पहले शनिवार को राफेल विवाद पर दिनभर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। राहुल ने कहा- जनता के मन में यह बात बैठ गई है कि देश का चौकीदार चोर है। भाजपा ने राहुल के आरोपों को गैरजिम्मेदाराना बताया। पार्टी ने एक हैशटैग भी चलाया कि राहुल गांधी का पूरा खानदान चोर है। 

     

     

  10. क्यों है एचएएल-रिलायंस विवाद?

    इस समझौते में राफेल विमानों के रख-रखाव का जिम्मा भारत की कंपनियों को सौंपा जाना है। इसी के तहत दैसो एविएशन ने अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस के साथ समझौता किया। सरकार ने एचएएल के समझौते से बाहर होने की वजह यूपीए सरकार की नीतियों को बताया। लेकिन, विशेषज्ञों का कहना है कि दैसो ने खुद तकनीक के ट्रांसफर की आशंका के चलते एचएएल के साथ समझौते से इनकार कर दिया था।

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