राजनीति / राहुल अमेठी, नांदेड़ और मध्यप्रदेश की एक सुरक्षित सीट से लड़ सकते हैं लोकसभा चुनाव

  • राहुल गांधी फिलहाल उत्तरप्रदेश के अमेठी से सांसद, 2014 में स्मृति ईरानी को हराया था
  • अशोक चव्हाण ने कहा- अगर वे नांदेड़ चुनते हैं तो उनका स्वागत है

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2019, 12:33 PM IST

नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार दोसीटों से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। इनमेंउत्तरप्रदेश की राहुल कीसीट अमेठी के अलावा महाराष्ट्र की नांदेड़ यामध्यप्रदेश कीकोई एक सीट हो सकती है।नांदेड़ से कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण सांसद हैं।

चव्हाण को मिल सकती है राज्य में बड़ी जिम्मेदारी

  1. अशोक चव्हाण ने एक इंटरव्यू में कहा, "राहुलजी पार्टी अध्यक्ष हैं। वे किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। अगर वे नांदेड़ चुनते हैं तो उनका स्वागत है।" 2014 में नांदेड़ सीट पर चव्हाण ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने भाजपा के डीवी पाटिल को हराया था। महाराष्ट्र में इस साल विधानसभा चुनाव भी हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि चव्हाण को राज्य में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। उन्हें कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री के पद का उम्मीदवार भी बनाया जा सकता है।

  2. अमेठी में स्मृति ईरानी दे रही हैं चुनौती 

    राहुल गांधी इस सीट से 2004, 2009 और 2014 में चुनाव जीते थे। 2014 में भाजपा की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से कड़ी टक्कर मिली थी। राहुल को 408651 और स्मृति को 300748 वोट मिले थे। इससे पहले राहुल ने 2009 के लोकसभा चुनाव में 370198 और 2004 में 290853 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इसके बाद से स्मृति लगातार अमेठी का दौरा कर रही हैं। वे अपनी हर रैली में गांधी परिवार को निशाना बनाती हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि भाजपा इस बार भी उन्हें अमेठी से चुनाव लड़ा सकती है।  तीसरी सीट मध्यप्रदेश से कौन सी होगी, इस पर कांग्रेस विचार कर रही है।

  3. 2014 में मोदी दो सीट से चुनाव लड़े थे 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में लोकसभा चुनाव दो सीट- वाराणसी और वडोदरा से लड़े थे। दोनों जगह उन्होंने जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने वडोदरा सीट छोड़ दी थी।

  4. 2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति

    राज्य कुल सीटें   कांग्रेस की मिली सीटें
    मध्यप्रदेश  29  2
    महाराष्ट्र 48 2
    उत्तरप्रदेश 80

     

  5. अधिकतम दो सीटों पर चुनाव लड़ सकता है कोई उम्मीदवार

    लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33 (7) किसी भी उम्मीदवार को लोकसभा, विधानसभा या इनके उपचुनाव में एक साथ अधिकतम दो सीटों पर चुनाव लड़ने की मंजूरी देती है। पहले किसी प्रत्याशी के चुनाव लड़ने की सीटों पर कोई बंदिश नहीं थी। 1996 में लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन के बाद अधिकतम 2 सीटों पर चुनाव लड़ने की सीमा तय कर दी गई। तेलुगु देशम पार्टी के फाउंडर एनटी रामा राव 1985 में गुडिवाडा, हिंदूपुर और नालागोंडा से विधानसभा चुनाव लड़े थे। उन्होंने तीनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, 1991 में हरियाणा के उपमुख्यमंत्री देवीलाल सीकर, रोहतक और फिरोजपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़े थे। हालांकि, वे सभी सीटों से चुनाव हार गए थे।

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