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डूंगरपुर: मां बाहर थी, बेटी ने केरोसीन डालकर आग लगाई; पिता की आंखों के सामने जलकर हुई मौत

दर्दनाक हादसा: शहर के नवाडेरा वार्ड 4 आकाशवाणी केंद्र के पास हुई वारदात

चिंतन जोशी | Aug 03, 2018, 11:24 AM IST

- उसी कमरे में सो रही छोटी बहन चिल्लाई, दूसरे कमरे में सोए पिता दौड़कर आए तो देखा बेटी जिंदा जल रही थी, आग बुझाते समय पिता भी झुलसा

 

डूंगरपुर।      शुक्रवार को यहां एक किशोरी ने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। चीखने पर दूसरे कमरे में सोया पिता वहां आया। बेटी को आग की लपटों में घिरा देख उसके होश उड़ गए। उसने बेटी को बचाने की कोशिश की, लेकिन मिनटों में ही उसकी मौत हो गई। कमरे में रखी खाट व अन्य सामान भी जल गया, लेकिन किशोरी के पास ही सोई दूसरी बेटी को आंच तक नहीं आई। इससे घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।    

 

घटना शुक्रवार सुबह सात बजे शहर के नवाडेरा वार्ड चार आकाशवाणी केंद्र के पास हुई। पिता की आंखो के सामने ही 15 साल की बेटी दिव्या उर्फ सुमली जिंदा जल गई और दम तोड़ दिया। दिव्या अपनी छोटी बहन उषा (4) के साथ कमरे में सोई थी। पिता कालू ने बताया कि वह सुबह 6.30 बजे ही उठ गया था। वह बेटी निशा (2) के साथ सोया था। पत्नी अनिता ने घर की साफ-सफाई की। इसके बाद करीब 7 बजे पत्नी ने पास के कमरे में सोई बेटी दिव्या को उठाया और सड़क की ओर दूध लेने के लिए चली गई। तभी बेटी उषा के चिल्लाने की आवाज आई तो चौंक गया और उठकर दूसरे कमरे में गया तो दिव्या जिंदा जल रही थी और चिल्ला रही थी। आग की लपटें इतनी ज्यादा थीं कि पहले उषा को बाहर निकाला फिर चद्दर से आग बुझाई, लेकिन दिव्या पूरी तरह से जल गई थी। 

 

केरोसीन का डिब्बा पूरा ही उडेल दिया, खाट-बिस्तर सब जल गए

कालू ने बताया कि कमरे में केरोसीन से भरा एक डिब्बा भी था। दिव्या ने उसी डिब्बे को अपने ऊपर उडेल दिया और आग लगा दी। इसी कारण केरोसीन के डिब्बे में भी आग लग रही थी। हादसे के बाद भी उस कमरे में केरोसीन की बू आ रही थी। घटना में कमरे में पड़े खाट-बिस्तर पूरी तरह से जल गए।

 

गनीमत रही उषा को कोई चोट तक नहीं आई

दिव्या ने जिस कमरे में खुद पर केरोसीन डालकर आग लगाई उसी कमरे में छोटी बहन उषा सोई थी। दिव्या ने खुद को आग लगा दी तब तक वह कमरे में ही थी और आग लगने पर चिल्लाई, लेकिन उसे न तो किसी तरह से आग छू सकी और न ही कोई चोट आई जबकि पूरे कमरे में जलने के हालात हैं। ऐसे में इस घटना को लेकर कई तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं। 
बेटी दिव्या की मौत के बाद मां अनिता अपनी दो छोटी बेटियों उषा और निशा को लेकर आंगन में ही बैठ गई और रोने लगी। छोटा भाई कपिल भी वहीं था। मृतक दिव्या सबसे बड़ी बेटी थी। कोतवाली एसआई गोविंदसिंह मौके पर पहुंचे और पूछा तो बताया कि दिव्या अब तक कभी स्कूल ही नहीं गई। वह घर के कामकाज ही करती थी। 

 

 

फोटो : चिंतन जोशी

 

 

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