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अलीबाबा के को-फाउंडर और सीईओ जैक मा सोमवार को होंगे रिटायर, अब बच्चों को पढ़ाएंगे

चीन के सबसे रईस व्यक्ति जैक मा, उन्होंने कहा- अलीबाबा का सीईओ बनने से बेहतर है पढ़ाना

DainikBhaskar.com | Sep 08, 2018, 12:24 PM IST

 

1999 में अलीबाबा की शुरुआत करने से पहले अंग्रेजी के टीचर थे जैक मा बोले- उनका रिटायरमेंट एक युग का अंत नहीं, नए युग की शुरुआत

 

बीजिंग.  चीन की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइट अलीबाबा के को-फाउंडर और सीईओ जैक मा सोमवार को रिटायर होंगे। इसी दिन वे 54 साल के भी हो जाएंगे। वे 40 बिलियन डॉलर (2.88 लाख करोड़ रुपए) नेटवर्थ वाले चीन के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि अलीबाबा का सीईओ बनने से बेहतर पढ़ाना है। वे यह काम ज्यादा अच्छी तरह कर सकते हैं। जल्द ही, वे शिक्षक के रूप में दोबारा दिखेंगे। 
1999 में अलीबाबा शुरू करने से पहले जैक अंग्रेजी के टीचर थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि वे साथी अरबपति बिल गेट्स की तरह अपने नाम से फाउंडेशन शुरू करना चाहते हैं, जो शिक्षा पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि बिल गेट्स से बहुत कुछ सीखना है। मैं उनकी तरह अमीर तो नहीं बन सकता, लेकिन एक चीज मैं उनसे बेहतर कर सकता हूं। वह यह कि मैं उनसे पहले रिटायर हो सकता हूं। जैक ने कहा कि वे 10 साल से रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे थे। 

लंबे समय तक चलेगी अलीबाबा: एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि जैक मा कंपनी छोड़ते हैं तो भी वह पार्टनरशिप स्ट्रक्चर द्वारा नियंत्रित होगी। हालांकि, जैक मा कहना है कि उन्हें अपनी टीम पर पूरा भरोसा है। यह स्ट्रक्चर उन्होंने बनाया है, जो कुछ निवेशकों को पसंद नहीं है। हालांकि, उन्हें लगता है कि इस कंपनी में उनका सबसे बड़ा योगदान है, जो इसे लंबे समय तक चलाने में कारगर होगा। जैक मा के पास अलीबाबा के साथ एंट फाइनेंशियल का भी नियंत्रण है। यह चीन की सबसे बड़ी मोबाइल पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर है। इससे चीन के करीब 87 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। 

यूनिवर्सिटी एग्जाम में दो बार फेल हुए थे:  जैक मा को जानने वाले शिक्षा को लेकर उनके फोकस पर हैरान नहीं हैं। चीन के यूनिवर्सिटी एग्जाम में मा दो बार फेल हुए थे। वे बताते हैं कि मैं अच्छा स्टूडेंट नहीं था, लेकिन मैंने लगातार सुधार किया। हम हमेशा सीखते हैं। अब मैं अपना ज्यादा से ज्यादा समय इसी पर देना चाहता हूं। जैक मा पहले ऐसे विदेशी कारोबारी हैं, जिनसे डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनने के बाद मिले थे।

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