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हाईकोर्ट/ शरिया की तरह हो हिंदू कोर्ट : हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा

Dainik Bhaskar | Sep 15, 2018, 12:58 AM IST
इलाहाबाद हाईकोर्ट
-- पूरी ख़बर पढ़ें --

  • अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के ऐलान के खिलाफ कानपुर के अंकितने दाखिल कीजनहित याचिका
  • हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 17 सितम्बर तक जवाब दाखिल करने का समय दिया

Dainik Bhaskar

Sep 15, 2018, 12:58 AM IST

इलाहाबाद. पश्चिम उत्तर प्रदेश में शरिया अदालत की तर्ज पर हिंदू कोर्ट गठित करने की याचिका परमंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार की तरफ से जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से थोड़ा और समय देने कीमांग की गई।

जिस पर हाईकोर्ट ने 17 सितम्बर तक जवाब दाखिल करने की मोहलत दी। अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के ऐलान के खिलाफ कानपुर के अंकित कुमार सिंह ने ये जनहित याचिका दाखिल की है।याचिका पर अगली सुनवाई अब 17 सितंबर को होगी।

कोर्ट ने हिन्दू महासभा के सचिव और मेरठ के जिलाध्यक्ष समेत राज्य सरकार व दूसरे विपक्षियों से जवाब मांगा था। बता दें इससे पहले अगस्त में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शरिया अदालत की तर्ज पर हिन्दू कोर्ट गठित करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जानकारी मांगी थी। मामले की अगली सुनवाई 11 सितम्बर नियत की थी।

चीफ जस्टिस डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।अदालत ने इस मामले में डीएम मेरठ और हिंदू कोर्ट में नियुक्त जज डॉ.पूजा शकुन पांडेय को भी पक्षकार बनाने का निर्देश देते हुए दोनों को नोटिस जारी किया है। दरअसल,कानपुर के अंकित सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर हिंदू अदालतों के गठन को चुनौती दी है।

याचिका में समाचार पत्रों के हवाले से कहा गया है कि हिंदू संगठनों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हिंदू अदालतों का गठन किया है। उनका कहना है कि अदालतों पर मुकदमों का बहुत बोझ है और लोगों को समय से न्याय नहीं मिल पा रहा है।

इसी को ध्यान में रखते हुए शरिया अदालतों की तर्ज पर हिंदू अदालतों का गठन किया गया है। यही नहीं, इस अदालत मे पहला न्यायाधीश डॉ. पूजा शकुन पांडेय को बनाया गया है। अदालत के अनुसार, इस मामले में किसी को पक्षकार नहीं बनाया गया है। लिहाजा डीएम और हिंदू अदालत में नियुक्त डॉ.पूजा शकुन को इसमें पक्षकार बनाते हुएनोटिस जारी कियागया है।साथ ही मामले में यूपी सरकार से पूरी जानकारी मांगी गई है।

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