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जमीन पर नहीं 40 फीट ऊपर उल्टा लटक कर चलती है ट्रेन, रोजाना 82 हजार पैसेंजर करते हैं सफर

जर्मनी के वुप्पर्टल में एक ऐसी ट्रेन है जो सभी पैसेंजर को उल्टा लटककर सफर कराती है।

Dainikbhaskar.com | Jul 30, 2018, 07:58 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. क्या आपने कभी हवा में उल्टी लटकी ट्रेन को चलते हुए देखा है? अगर आप का जवाब नहीं है तो आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जर्मनी ऐसा देश है जहां ट्रेन उलटी लटकर चलती है। अब आप सोच रहे होंगे ऐसा कैसे मुमकिन है। दरअसल ये हैंगिंग ट्रेन हैं जो उल्टी चलती हैं। खास बात यह है कि यह सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है बल्कि आप इसमें सफर भी कर सकते हैं। जानते हैं इसके खासियतों के बारे में...

व्यस्त शहर होने के कारण हुई थी शुरुआत
जर्मनी के वुप्पर्टल में एक ऐसी ट्रेन है जो सभी पैसेंजर को उल्टा लटककर सफर कराती है। दरअसल, यह शहर बहुत पहले विकसित हो गया था। ये शहर इतना व्यस्त है कि सड़कों पर ट्रेन चलाने की जगह ही नहीं है। यही वजह है कि वहां के इंजीनियरों ने इस समस्या का हल निकालने के लिए हैंगिंग ट्रेन को शुरू करने का विचार किया।

1901 में हुई थी शुरुआत
इस ट्रेन को 1901 में शुरू किया गया था। यह बिजली से चलती है और करीब लगभग 40 फीट की ऊंचाई का सफर करते हुए 13.3 किमी की दूरी तय करती है। हर रोज लगभग करीब 82 हजार यात्रियों को ऐसा रोमांचक सफर कराती है। इस यात्रा के दौरान यह 20 स्टेशनों पर रुकती है। हालांकि, 1999 में इस ट्रेन से एक दुर्घटना हो गई थी। ये ट्रेन अचानक वुप्पर नदी में गिर गई। जिसमें करीब 5 लोग मर गए थे, लेकिन तब से इस तरह का हादसा अभी तक नहीं हुआ।

सबसे पुरानी मोनो रेल 
हैंगिग ट्रेन के ट्रैक की लंबाई 13.3 किमी है और यह नदी से 39 फीट ऊपर चलती है। ट्रेन के रुकने के लिए 20 स्टेशन बनाए गए हैं। यह ट्रेन लाइट से चलती है। पहाड़ी इलाका होने की वजह से अंडरग्राउंड रेल भी नहीं चलाई जा सकती थी। इसी स्थिति में कुछ इंजीनियरों ने हैंगिंग ट्रेन चलाने का फैसला किया। इसे दुनिया की सबसे पुरानी मोनो रेल में से एक भी माना जाता है।

13.3 किलोमीटर का सफर तय करती है

ट्रेन भले ही पटरी से लटककर चलती हो, लेकिन लोग इसमें सीधा ही बैठते हैं। इसे हैंगिंग ट्रेन या Wuppertal Suspension Railway भी कहा जाता है। ये ट्रेन रोजाना 13.3 किलोमीटर का सफर करती है और इस रास्ते में कुल 20 स्टेशन पड़ते हैं। ट्रेन जमीन से 39 मीटर की ऊंचाई पर चलती है। इसे चलाने के लिए बिजली का इस्तेमाल किया जाता है।

टूरिस्ट जरूर करते हैं सफर

इस ट्रेन में सिर्फ यहां रहने वाले ही नहीं टूरिस्ट भी सफर करते हैं। यहां आने वाले सैलानी इसकी बनावट और खूबसूरती से आकर्षित होकर इस रोमांचक सफर को अपनी यात्रा का हिस्सा जरूर बनाते हैं। जो किसी चलते फिरते टूरिस्ट प्लेस से कम नहीं है।

 

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