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10 इंटरेस्टिंग फैक्ट्स: एपल के तीसरे फाउंडर ने सिर्फ 800 डॉलर में बेच दिए थे अपने शेयर, न बेचते तो आज 100 बिलियन डॉलर के मालिक होते

एपल गुरुवार को एक ट्रिलियन डॉलर की मार्केट कैप वाली दुनिया की दूसरी कंपनी बन गई।

DainikBhaskar.com | Sep 11, 2018, 11:49 AM IST

गैजेट डेस्क. अमेरिकी टेक कंपनी एपल गुरुवार को एक ट्रिलियन डॉलर की मार्केट कैप वाली कंपनी बन गई। इसका मतलब एपल ऐसी कंपनी बन गई है, जिसका मार्केट कैप 1 लाख करोड़ डॉलर (करीब 69 लाख करोड़ रुपए) के पार पहुंच गया है। ये मुकाम हासिल करने वाली एपल अमेरिका की पहली और दुनिया की दूसरी कंपनी है। पिछले साल पेट्रोचाइना ये मुकाम हासिल कर चुकी है।

 

गुरुवार के एपल के शेयर भाव जैसे ही 207.05 डॉलर पर पहुंचा, कंपनी का मार्केट कैप 1 हजार अरब डॉलर हो गया। एपल पिछले 7 साल से दुनिया की नंबर-1 कंपनी बनी हुई है। जून तिमाही में एपल का रेवेन्यू भी 17% बढ़कर 3.6 लाख करोड़ रुपए और नेट प्रॉफिट 32% बढ़कर 79 हजार करोड़ रुपए हो गया। 21 साल पहले 1997 में कंपनी के एक शेयर की कीमत सिर्फ 1 डॉलर थी। इसलिए, हम एपल से जुड़े 10 ऐसे इंटरेस्टिंग फैक्ट्स बता रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही कभी सुना हो।

 

#1. तीसरे फाउंडर ने सिर्फ 800 डॉलर में बेच दिए थे शेयर : एपल कंपनी की शुरुआत स्टीव जॉब्स और स्टीव वोजनिक ने की थी। इस कंपनी के फाउंडिंग मेंबर्स में तीसरे व्यक्ति रोनाल्ड वेन भी थे, जिन्होंने 1976 में कंपनी की शुरुआत के 12 दिनों के बाद ही अपने 10% शेयर सिर्फ 800 डॉलर में बेच दिए थे। माना जाता है कि वेन ये शेयर नहीं बेचते तो आज वे 100 बिलियन डॉलर के मालिक होते। 

 

#2. पहले कंप्यूटर में कीबोर्ड और स्क्रीन नहीं थी : एपल का सबसे पहला प्रोडक्ट एपल-1 कंप्यूटर था। लेकिन इस कंप्यूटर में न ही स्क्रीन थी और न ही कीबोर्ड था। लोग अपनी जरुरत के हिसाब से इसमें लकड़ी के कीबोर्ड का इस्तेमाल करते थे।

 

#3. 1984 में आया था एपल का पहला विज्ञापन : एपल ने 1984 में अपना कंप्यूटर MacIntosh लॉन्च किया था, जिसका विज्ञापन टीवी पर दिया गया था। ये पहली बार था जब एपल ने अपने किसी प्रोडक्ट का विज्ञापन टीवी पर दिखाया था। इसके साथ ही ये काफी समय तक बेस्ट विज्ञापन भी रहा था।

 

#4. प्रोडक्ट फेल तो जॉब्स को कंपनी से हटाया : MacIntosh मार्केट में बुरी तरह फेल हो गया, जिसके बाद स्टीव जॉब्स को कंपनी के बोर्ड से हटा दिया गया। इसके साथ ही उन्हें एक छोटा सा ऑफिस दिया गया, जिसे उन्होंने 'साइबेरिया' नाम दिया था। बाद में स्टीव जॉब्स ने अपने 85 हजार शेयर सिर्फ 14 डॉलर में बेच दिए और कंपनी को छोड़ दिया। इसके साथ ही स्टीव वोजनिक ने भी कंपनी छोड़ दी।

 

#5. जॉब्स को लाने के लिए खर्च किए 427 मिलियन डॉलर : एपल छोड़ने के बाद स्टीव जॉब्स ने एक नई कंपनी नेक्स्ट (NeXT) शुरू की। 1996 में एपल ने स्टीव जॉब्स को कंपनी में वापस लाने के लिए उनकी कंपनी को 427 मिलियन डॉलर में खरीद लिया। जॉब्स उस वक्त NeXT ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम कर रहे थे, लेकिन एपल में वापस आने के बाद इस ओएस का नाम MacOS X रखा गया। 2000 में जॉब्स को एपल का सीईओ बनाया गया। 

 

#6. एपल प्रोडक्ट की डिजाइन के पीछे था इनका दिमाग : स्टीव जॉब्स भले ही कंपनी के सीईओ थे, लेकिन एपल के प्रोडक्ट्स जैसे iPhone, iPad, iMac की डिजाइन के पीछे जोनाथन पॉल आईव का दिमाग था। जोनाथन एपल के चीफ डिजाइनर थे, साथ ही लंदन के रोयल कॉलेज ऑफ आर्ट के कुलपति भी थे। बाद में 2012 में जोनाथन आईव को बर्किंघम पैलेस में नाईट कमांडर नियुक्त किया गया।

 

#7. एपल प्रोडक्ट में 'i' का इस्तेमाल क्यों : एपल ने पहली बार Mac कंप्यूटर में 'i' का इस्तेमाल किया था और इसे iMac के नाम के साथ लॉन्च किया। इसे लॉन्च करते हुए स्टीव जॉब्स ने कहा था कि 'जब MacIntosh फेल हो गया था तो हम एक ऐसे कंप्यूटर पर काम कर रहे थे जिसमें इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा सके। इसमें इंटरनेट से 'i' लिया गया।' इसके बाद से ही एपल के हर प्रोडक्ट्स में i का इस्तेमाल किया जाने लगा, जैसे iPhone, iPad।

 

#8. 30 महीनों की मेहनत के बाद आया था पहला iPhone : स्टीव जॉब्स ने 1000 लोगों की एक टीम बनाई, जिसको iPhone बनाने का काम दिया गया। इस प्रोजेक्ट का नाम 'प्रोजेक्ट पर्पल' रखा गया। ये प्रोजेक्ट पूरी तरह से सीक्रेट था। यहां तक कि कंपनी के बाकी कर्मचारियों को भी इसके बारे में पता नहीं था। 1 हजार कर्मचारियों ने लगातार 30 महीनों तक काम किया, जिसके बाद 29 जून 2007 को पहला iPhone लॉन्च किया गया। इसको लॉन्च करते हुए कंपनी ने स्लोगन दिया था 'ये तो सिर्फ शुरुआत है।'

 

#9. एपल के लोगो के पीछे भी है ये कारण : एपल का लोगो एक आधा कटा सेब है, जिसके पीछे भी एक कारण है। जॉब्स के मुताबिक, वे एक बार सेब के एक फार्म में गए थे और वहीं से उन्हें ऐसा लोगो रखने का ख्याल आया। लेकिन कहा जाता है कि एपल का लोगो असल में कंप्यूटिंग के फाउंडर एलन ट्यूरिंग को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा गया है। एलन ट्यूरिंग ने साइनाइड खाकर आत्महत्या कर ली थी और उनके पास से एक आधा कटा सेब मिला था। माना जाता है कि इसलिए एपल का ये लोगो रखा गया। लेकिन कंपनी का कहना है कि एपल के लोगो में आधा कटा सेब इसलिए रखा गया ताकि ये चैरी की तरह ना दिखे।

 

#10. दुनिया के 22 देशों की जीडीपी से भी ज्यादा है एपल की मार्केट कैप : एपल दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है, जिसकी मार्केट कैप 1 ट्रिलियर डॉलर है। एपल की मार्केट कैप स्वीडन, यूएई, अर्जेंटीना, थाईलैंड, तुर्की, ताईवान, दक्षिण अफ्रीका, सिंगापुर जैसे 22 देशों की जीडीपी से भी ज्यादा है।

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