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भारत बंद : शहडोल में लाठीचार्ज से बिगड़े हालात; प्रदर्शनकारी का सिर फुटा, पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा

DainikBhaskar.com | Sep 06, 2018, 04:19 PM IST

पुलिस की लाठीचार्ज के बाद एसपी को हटाने पर अड़े प्रदर्शनकारी, एससी एसटी एक्ट का सड़कों पर विरोध

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जबलपुर/शहडोल. एसटी एससी एक्ट के विरोध में भारत बंद का मध्य प्रदेश में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। शहडोल में सुबह शांतिपूर्ण बंद के बाद दोपहर बाद तनाव की स्थिति बन गई। प्रदर्शन कर रहे भीड़ को पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसके बाद हंगामा हो गया। लाठीचार्ज से एक युवक का सिर फट गया और तीन लोग घायल हो गए। लाठीचार्ज के विरोध में लोगों ने जय स्तम्भ में चक्काजाम कर दिया और कपड़े उतारकर सड़क पर लेट गए। आक्रोशित लोग एसपी को हटाने की मांग कर रहे हैं।बंद समर्थकों ने रीवा स्टेशन पर ट्रेन रोकने की कोशिश की, इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद अपर कलेक्टर की गाड़ी पर हमला कर दिया। उनकी गाड़ी की खिड़की के कांच टूट गए।

गांधी चौक पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कर दी लाठीचार्ज : बंद के दौरान दोपहर 12 बजे लोग गांधी चौक में एकत्र हुए। लोगों का आरोप है कि शहडोल एसपी कुमार सौरभ ने इशारा कर चुनिंदा लोगों के ऊपर लाठीचार्ज करा दी। कलेक्टर अनुभा श्रीवास्तव भी वहां पर मौजूद थीं, लेकिन पुलिस अधीक्षक के इस कदम से लोग भड़क उठे। लाठीचार्ज से एक युवक का सिर फट गया। भड़के लोग गांधी चौक से कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर गए। पुलिस ने बैरी केड लगाकर लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित लोग कलेक्ट्रेट पहुंच गए। लोगों की मांग है कि माहौल बिगाड़ने के जिम्मेदार एसपी को तत्काल हटाया जाए। लोगों के आक्रोश को देखते हुए जिला दंडाधिकारी अनुभा श्रीवास्तव ने जांच के आदेश दिए हैं।

रीवा में अपर कलेक्टर की गाड़ी के कांच फोड़े, मंत्री के घर में घुसने की कोशिश : शाम को आंदोलनकारी रीवा में उग्र हो गए। विरोध प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पत्थरबाजी को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। उग्र होते उपद्रवियों पर पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया। वहीं, बंद समर्थक रीवा स्टेशन पर ट्रेन रोकने की कोशिश कर है थे। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद अपर कलेक्टर की गाड़ी पर हमला कर दिया। उनकी गाड़ी की खिड़की के कांच फोड़ दिए। सवर्ण सेना के कुछ कार्यकर्ता मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के घर में घुसने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें सख्ती से रोक दिया।

जबलपुर में बंद का व्यापक असर : शहर में आंदोलनकारी बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे। बंद समर्थकों ने बसों और ऑटो को रोककर सवारियों को नीचे उतार दिया है। व्यवस्था को कायम रखने के उद्देश से पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा है। जबलपुर में बंद का काफी असर देखा जा रहा है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और बाजारों में दुकाने बंद है। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों और उनके पेरेंट्स को उठाना पड़ी। कई स्कूलों ने छुट्टी रखने की सूचना नहीं दी, जिससे स्कूल बस नहीं आई। पेरेंट्स बच्चों को लेकर स्कूल गए तब स्कूल में छुट्टी होने की सूचना उनको मिली। पुलिस अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी कर रही है। नोदरा चौक और शहर के दूसरे प्रमुख इलाकों में पुलिस निगरानी रख रही है। शहर मे कई जगहों पर पेट्रोल पंप खुले हैं और बसें भी चालू है।

सतना में बायपास पर चक्काजाम : सतना में लोग बाजार बंद रखने के साथ घेराव कर अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं। बंद समर्थकों ने पुलिस कंट्रोल रूम और भाजपा कार्यालय का घेराव किया है। रीवा बायपास पर चक्काजाम किया है। जिसकी वजह से बायपास पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई है। सतना में बंद को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शहर में चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है और पुलिस बंद पर नजर बनाए हुए है। शहर के बीटीआई ग्राउंड में सवर्ण समाज का हजारों की तादाद में लोग पहुंचे हैं।

दमोह में भारी पुलिस बल तैनात : दमोह में बंद का समर्थन करते हुए कारोबारियों ने अपना कारोबार बंद रखा। बंद को देखते हुए शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। हटा और आसपास के इलाकों में बंद काफी प्रभाव देखा जा रहा है। साथ ही विक्रमपुर में भी सुबह से बंद को काफी समर्थन मिल रहा है।

इसके बाद हंगामा हो गया, लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठियां चलाई गईं।
लोग चौराहों पर एकत्र हो गए और प्रदर्शन करते रहे।
शहडोल में पुलिस ने लोगों को लाठियां भांजकर खदेड़ा।
इस बीच पुलिस के विरोध में भारी भीड़ जमा रही।
रीवा, सतना और सीधी जिलों में बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है।
भारत बंद के विरोध में लोग सड़कों पर उतर गए।