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रिश्वत मामले में फरार भाजपा पार्षद नैन्सी सुमरा 16 दिन बाद गिरफ्तार

एसीबी ने कहा-पार्षद के खिलाफ मिले हैं सबूत, पार्षद के भाई और पिता पहले ही किए जा चुके हैं गिरफ्तार

Dainikbhaskar.com | Sep 08, 2018, 02:12 PM IST

सूरत। 75 हजार रुपए की रिश्वत मामले में 16 दिन से फरार भाजपा पार्षद नैन्सी सुमरा को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। नैन्सी के भाई और पिता पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जांच अधिकारी एनपी गोहिल ने बताया कि कई दिनों से पार्षद नैन्सी को पुलिस खोज रही थी, लेकिन वह नहीं मिल रही थी। FIR में पार्षद का नाम ही नहीं है…

 

वह शुक्रवार को दोपहर 2 बजे अचानक एसीबी में अपना स्टेटमेंट दर्ज करवाने पहुंची। हालांकि एफआईआर में उनका नाम नहीं है, लेकिन उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त सबूत मिले हैं। अपने भाई और पिता के साथ ये भी रिश्वतकांड में शामिल है। गोहिल ने हालांकि यह नहीं बताया कि पार्षद के खिलाफ क्या सबूत मिले हैं। उधर, भाजपा के शहर प्रमुख नितिन भजियावाला ने बताया कि नैन्सी पर कार्रवाई करने के लिए प्रदेश नेतृत्व को पत्र लिखा गया है।


75 हजार रुपए की रिश्वत का है मामला
पार्षद के भाई प्रिंस सुमरा और पिता मोहन ने नैन्सी के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर मुगलीसरा वार्ड की दो बिल्डिंग के बिल्डर से 75 हजार रुपए मांगे। उन्होंने बिल्डर को मनपा की धमकी दी थी। इसमें से 20 हजार रुपए ले भी लिए, लेकिन बकाया 55 हजार रुपए लेते हुए 22 अगस्त को प्रिंस रंगे हाथ पकड़ा गया। खबर मिलते ही मोहन और नैंसी फरार हो गए। एक हफ्ते बाद मोहन ने समर्पण कर दिया।


पहले भी दो पार्षदों की घूस लेने में हो चुकी है गिरफ्तारी
वर्ष 2008 में पार्षद वीणा जोशी ने उधना के देवीदयाल सिंह राजपूत से घर बनाने के मामले में 50 हजार की रिश्वत मांगी। पति जीतेंद्र जोशी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुए। बाद में वीणा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। फरवरी 2018 में भाजपा पार्षद मीणा राठोड़ को 5 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। मीणा ने लिम्बायत की प्रॉपर्टी पर एनओसी देने के लिए पति दिनेश और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर पैसे मांगे थे।

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