Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

राजनीति/ BJP के 4 साल के कार्यकाल में शहीद सैनिकों के 230 आश्रितों को मिली सरकारी नौकरीः अभिमन्यु

Dainik Bhaskar | Sep 11, 2018, 07:35 PM IST
-- पूरी ख़बर पढ़ें --

  • वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने हरियाणा विधानसभा में दिया जवाब।

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2018, 07:35 PM IST

चंडीगढ़।हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा की वर्तमान सरकार के लगभग चार साल के कार्यकाल में शहीद सैनिकों के 230 आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की है। यह कांग्रेस और इनेलो सरकारकेसमय दी गई नौकरियों से कई गुना ज्यादा है।

वित्त मंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में एक चर्चा के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने कहा की भाजपा सरकार सैनिकों और शहीद सैनिकों के परिजनों के कल्याण के लिए लगातार निर्णय ले रही है। भाजपा सरकार ने युद्ध के दौरान शहीद हुए सेना के जवानों व अर्द सैनिक बल के जवानों की अनुग्रह राशि 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए और आईईडी ब्लास्ट के दौरान शहीद होने पर अनुग्रह राशि 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए तथा पुन: बढ़ाकर 50 लाख रुपए की है।

ड्यूटी पर शहीद पुलिसकर्मियों की अनुग्रह राशि भी बढ़ाई
डयूटी के समय शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों की अनुग्रह राशि 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 30 लाख रुपए की। युद्ध या आतंकवाद तथा अन्य घटना के दौरान घायल हुए सैनिकों को अनुग्रह अनुदान नि:शक्तता के आधार पर 50 हजार रुपए की बजाय 5 लाख रुपए, 75 हजार रुपए की बजाय 10 लाख रुपए और एक लाख रुपए की बजाय 15 लाख रुपए की राशि की गई। युद्ध या आतंकवाद तथा अन्य घटना के दौरान घायल हुए अर्द सैनिक बलों के जवानों के लिए अनुग्रह अनुदान नि:शक्ता के आधार पर 15 लाख रुपए, 25 लाख रुपए तथा 35 लाख रुपए की है।

कांग्रेस और इनेलो के राज से ज्यादा नौकरियां बीजेपी ने दी
द्वितीय विश्व युद्ध के भूतपूर्व सैनिकों तथा विधवाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता जो कांग्रेस के समय 3 हजार रुपए थी वह अब 10 हजार रुपए मासिक है। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा की हरियाणा की वर्तमान सरकार ने अक्टूबर, 2014 से अब तक शहीद सैनिकों के 230 आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान की है। जबकि इनेलो के समय में 66 और कांग्रेस सरकार के समय दस साल में सिर्फ 6 शहीद सैनिकों के आश्रितों और 17 पुलिस कर्मियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई थी।