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2019 चुनाव के लिए भाजपा का नैनो मैनेजमेंट, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हर बूथ पर दिखेंगे 5 कमल

संतोष कुमार | Jul 07, 2018, 02:08 AM IST

अहम बात यह भी है कि पहली बार भाजपा बूथों का ए, बी, सी, डी में ग्रेडेशन किया गया है।

इसके जरिए कश्मीर से कन्याकुमा
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दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने तैयार किया खाका 22 सूत्रीय फार्मूला तैयार, हर बूथ पर 5 बाइक धारक कार्यकर्ता

नई दिल्ली.भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए नैनो मैनेजमेंट की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में एक खाका तैयार किया गया है। इसके जरिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक देशभर के करीब 8 लाख बूथों पर बारीकी से निगाह रखी जा सकेगी। इसके लिए 22 सूत्रीय फॉर्मूला सेट किया है। इसके तहत हर बूथ पर पांच कमल के निशान पोते जाएंगे। साथ ही हर बूथ पर स्मार्टफोन धारकों की सूची तैयार करने के साथ-साथ 5 बाइक धारकों की सूची बनाई जाएगी ताकि तेजी से लोगों से संपर्क स्थापित हो। यह ब्लू प्रिंट सभी राज्यों और पदाधिकारियों को दिया गया है। वे इसके 22 बिंदुओं पर काम करेंगे और दिल्ली में शाह को इसकी प्रगति रिपोर्ट देंगे।

पार्टी की हिंदुत्व विचारधारा को भी तवज्जो

अहम बात यह भी है कि पहली बार भाजपा बूथों का ए, बी, सी, डी में ग्रेडेशन किया गया है। सी बूथों की जिम्मेदारी पार्टी पदाधिकारियों को और डी बूथों का जिम्मा कार्यकर्ताओं को दिया जाएगा। इसके अलावा भाजपा ने दूसरे राजनैतिक दलों के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को साधकर पार्टी में शामिल कराने का भी टास्क दिया है। सामाजिक समीकरण के साथ-साथ भाजपा ने क्षेत्र के मठ, मंदिर, आश्रमों के प्रमुखों, पुजारियों से संपर्क करने करने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी है ताकि पार्टी की हिंदुत्व विचारधारा को हवा दी जा सके। भाजपा की बूथ रणनीति में सबसे अहम 20 नए सदस्यों को जोड़ने की है। इसमें एससी, एसटी, ओबीसी के प्रतिनिधि बराबर-बराबर हों। यानी लोकसभा चुनाव तक पार्टी करीब 1 करोड़ 60 लाख नए सदस्यों को जोड़ेगी। यह 2014 में मिले वोटों की करीब 10% संख्या है।

7 स्तर पर होगी समीक्षा, शाह का इसी माह से दौरा

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस माह से लगातार राज्यों का दौरा करेंगे। शाह के दौरे के बाद कार्यकर्ताओं की सक्रियता बनी रहे, इसके लिए महासचिवों और केंद्रीय नेताओं का दौरा तय कर दिया गया है। इसमें सात स्तरों पर समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपनी है। सात स्तर हैं- प्रदेश, जिला, लोकसभा, विधानसभा, मंडल, शक्ति केंद्र, बूथ।

मंडल स्तर पर भी बनी रणनीति
- मंडल स्तर पर हर पखवाड़ा पदाधिकारी बैठक करना।
- मंडल पदाधिकारियों को गांव में ले जाकर प्रवास की योजना बनाना।
- जहां भाजपा शासन में नहीं है, वहां स्थानीय मुद्दों पर आंदोलन करना।
- मंडल पर चार्जशीट तैयार करना।