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चुनावी दांव-पेंच/ भाजपा ने शुरू की बसपा में तोड़फोड़ की कोशिशें



  • कांग्रेस से गठबंधन की अटकलों के बीच नए समीकरणों की सुगबुगाहट तेज
  • बसपा के रोमेश महंत सीएम से मिले, विधायक ऊषा चौधरी से भी बातचीत की तैयारी 

Dainik Bhaskar

Oct 19, 2018, 04:00 PM IST

भोपाल.  कांग्रेस और बसपा के गठबंधन की अटकलों बीच भाजपा ने नए समीकरण पर काम शुरू कर दिया है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में मतों के हिसाब से दूसरे व तीसरे नंबर पर रहे बसपा के उन नेताओं से संपर्क की कोशिशें की जा रही हैं, जो कांग्रेस से गठबंधन के विरोध में हैं। हाल ही में लहार विधानसभा सीट पर 2013 के चुनाव में 34 हजार 585 वोट हासिल करने वाले रोमेश महंत ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है।

 

रोमेश भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके मथुराप्रसाद महंत के बेटे हैं। भाजपा से पटरी नहीं बैठी तो पिछले चुनाव में रोमेश ने बसपा का दामन थाम लिया था। भाजपा खासतौर पर चंबल-ग्वालियर और रीवा संभाग में यह कवायद कर रही है। सतना में रैगांव सीट से बसपा विधायक ऊषा चौधरी से भी संपर्क की अटकलें हैं।

 

पिछले दिनों ऊषा भाजपा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करके इन संभावनाओं को मजबूती दे चुकी हैं। भाजपा इस फाॅर्मूले का उपयोग पिछले चुनाव में भी कर चुकी है। 2008 में सेवढ़ा से बसपा विधायक रह चुके राधेलाल बघेल 2013 का चुनाव हार गए। इसके बाद भाजपा ने बघेल को भाजपा में शामिल कर लिया।

 

हाल ही में मुंगावली और कोलारस उपचुनाव के दौरान बघेल को अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया। ग्वालियर-चंबल में सक्रिय रहे व बसपा से चुनाव लड़ चुके केदारनाथ वर्मा और परसराम मुदगल पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

 

दिमनी से वर्तमान बसपा विधायक बलबीर सिंह दंडोतिया और शिवराज सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा की निकटता की भी चर्चा है। साफ है कि भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले ही बसपा-कांग्रेस गठबंधन का तोड़ निकालने में जुटी है। इधर, प्रदेश बसपा अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार का कहना है कि सभी विधायक व नेता पार्टी के साथ हैं। भाजपा से संपर्क की कोई सूचना नहीं है।

 

इधर, ओबीसी सम्मेलन अब 18 को सतना में : सामान्य और ओबीसी वर्ग के सवर्ण आंदोलन के चलते 10 सितंबर को रद्द किए गए पिछड़ा वर्ग के सम्मेलन को भाजपा अब 18 सितंबर को सतना में करने जा रही है। पार्टी सूत्रों से फीडबैक मिला है कि आंदोलन को लेकर स्थिति सामान्य हो गई है।

 

ओबीसी सम्मेलन होता है तो सतना से लेकर सीधी तक ओबीसी वर्ग पर अच्छा असर पड़ेगा। विंध्य में स्थिति और बेहतर होगी। कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री इंद्रजीत पटेल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर ओबीसी वर्ग में अपना दखल पहले ही बढ़ा चुकी है।

 

चुनाव से पहले भाजपा के पक्ष में माहौल बनाएगा किसान संघ : विधानसभा चुनाव में अब भारतीय किसान संघ भी सक्रियता बढ़ाएगा। वह किसानों के बीच सरकारी योजनाओं का प्रचार करके उन्हें भाजपा के पक्ष में लाने की कोशिश करेगा। इसके लिए रणनीति तैयार हो गई है। किसान संघ ग्रामीणों से भी बात करेगा।

 

मंगलवार को संघ का 12वां प्रदेश अधिवेशन समन्वय भवन में हुआ। इसमें किसानों को लेकर दो प्रस्ताव पास हुए। पहले मनरेगा से खेती को जोड़ने के प्रयास होंगे ताकि किसानों को मजदूरों की कमी न हो। दूसरा तमाम योजनाओं (उपकरण या खाद-बीज) में मिल रही सब्सिडी को सीधे किसानों के खाते में डालने के लिए व रकबे के आधार पर सब्सिडी दिए जाने को लेकर सरकारों से बात की जाएगी। 

 

अधिवेशन में प्रदेश के तीनों प्रांत की नई कार्यकारिणी भी घोषित की गई। कैलाश ठाकुर को दोबारा भारतीय किसान संघ का प्रांतीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामभरोसे बासोतिया को भी दोबारा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके अलावा भरत पटेल को महाकौशल का संगठन मंत्री, मनीष शर्मा को मध्य भारत प्रांत का संगठन मंत्री बनाया गया है।

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