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सोशल सच/ यूपीए ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादा बढ़ाईं, उसके मुकाबले एनडीए में कम; बीजेपी के ग्राफ का गलत मतलब निकाला गया



Dainik Bhaskar | Sep 14, 2018, 02:03 PM IST
  • बीजेपी के ग्राफ का गलत मतलब निकाला

    • बीजेपी के इन दोनों का ग्राफ का मतलब गलत निकाला गया और बिना सोचे-समझे ही बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ट्रोल किया जाने लगा। 
    • बीजेपी इन ग्राफ के जरिए बताना चाह रही थी कि कांग्रेस के 10 साल के कार्यकाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जितनी बढ़ोतरी की गई, उसके मुकाबले एनडीए सरकार में थोड़ी सी ही बढ़ोतरी की गई।
    • दरअसल, बीजेपी दिखाना चाह रही थी कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ी हैं लेकिन कांग्रेस सरकार के मुकाबले काफी कम। मगर बीजेपी ने 71.41 रुपए के ग्राफ को बड़ा कर दिया और 80.73 रुपए वाले ग्राफ को छोटा। इससे संदेश गया कि बीजेपी कीमतें बढ़ने के बाद भी गुमराह कर रही है और गलत मैसेज फैला रही है।

  • बीजेपी के ग्राफ का मतलब : पेट्रोल की कीमतें

    • इस ग्राफ में बीजेपी ये समझाने की कोशिश कर रही थी कि 10 साल में पेट्रोल की कीमतें जितनी बढ़ी, उसके मुकाबले सिर्फ 13% की बढ़ोतरी मोदी सरकार में की गई। 
    • इसके मुताबिक, 16 मई 2004 को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 33.71 रुपए थी, जो 16 मई 2009 को 20.5% बढ़कर 40.62 रुपए हो गई। यूपीए-2 में पेट्रोल की कीमतें 75.8% बढ़ी और 16 मई 2004 को इसकी कीमत 71.41 रुपए थी।
    • जबकि मोदी सरकार में 10 सितंबर 2018 को पेट्रोल की कीमत 80.73% थी और इसमें सिर्फ 13% की बढ़ोतरी ही हुई।

  • बीजेपी के ग्राफ का मतलब : डीजल की कीमतें

    • इसी तरह से 16 मई 2004 को डीजल की कीमत 21.74 रुपए थी, जो 16 मई 2009 को 42% की बढ़ोतरी के साथ 30.86 रुपए हो गई। यूपीए-2 में डीजल की कीमतें 83.7% बढ़ी और 16 मई 2009 को इसकी कीमत 56.71 रुपए हो गई।
    • वहीं एनडीए की मोदी सरकार में 10 सितंबर 2018 तक डीजल की कीमत 72.83 रुपए है यानी कि इसमें सिर्फ 28% की बढ़ोतरी की गई।

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