Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

जीजा ने दी थी साले को जाली नोट छापने की ट्रेनिंग; एक ही नंबर के नोट छापे, पकड़ा गया

पठानकोट में नकली नोट छापने वाले गिरोह मामले में खुलासा

Bhaskar News | Jun 30, 2018, 08:10 AM IST

पठानकोट. पठानकोट में नकली नोटों के साथ पकड़े गए गिरोह का मास्टरमाइंड सन्नी आठवीं पास था, पर आईटी व प्रिंटर्स की बेहतर जानकारी होने के कारण वह मिनटों में नकली नोट बना लेता था। सभी नोट असली की तरह दिखते हैं। बस आरोपी उनके नंबर नहीं बदल पाया और पकड़ा गया। सन्नी ने नोट बनाने की ट्रेनिंग अपने जीजा से ली थी। आधी ट्रेनिंग के दौरान जीजा ने सन्नी की बहन का कत्ल किया और फरार हो गया। पुलिस रिकार्ड में उसका जीजा फरार है। सन्नी के जीजा पर भी नकली नोट चलाने के केस दर्ज हैं। नोट का नंबर बदलने की जानकारी न होने से सन्नी ने जितने भी नोट छापे सभी पर सीरियल नंबर (5HS040510) ही है। जबकि, वाटर मार्क्स भी असली की तरह ही दिखता है। सन्नी हर माह 1 लाख की करेंंसी ही छापता था। 5 महीनों में सन्नी ने 5.5 लाख के नोट बनाए और उसे मार्केट में खपाने के लिए लोगों को बांटे थे। 2 हजार के 50 नकली नोटों की छपाई पर सन्नी को 7 हजार रुपए बचते थे। 

5 महीने पहले नोट छापने शुरू किए, तीन बार बदला ठिकाना : सन्नी ने जाली नोट छापने का काम 5 महीने पहले शुरू किया और इस दौरान उसने 3 बार अपना ठिकाना बदला। शहर में किराए पर मकान लेकर सन्नी अंदर नोट छापने का काम किया करता था। पुलिस ने पूछताछ में सन्नी से यह बातें उगलवाई हैं। तीनों ठगों से 15 नोट रिकवर किए गए हैं और ऊना में विभिन्न जगहों पर नकली नोट छापकर उसे पंजाब और हरियाणा में चलाते थे। सन्नी ने कबूला है कि उसने सबसे ज्यादा नोट अमृतसर और हरियाणा के कई शहरों में खपाए हैं। 

Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

टॉप न्यूज़और देखें

Advertisement

बॉलीवुड और देखें

स्पोर्ट्स और देखें

Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

जीवन मंत्रऔर देखें

राज्यऔर देखें

वीडियोऔर देखें

बिज़नेसऔर देखें