Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

राजनीति/ कांग्रेस में टिकट की जोड़तोड़: विधायक डाॅ. रेणु जोगी का नाम कोटा क्षेत्र के पैनल से गायब

Dainik Bhaskar | Sep 11, 2018, 10:31 AM IST
रेणु जोगी
-- पूरी ख़बर पढ़ें --

  • बिलासपुर से अटल के साथ पांडेय का नाम जुड़ने से बदल सकते हैं समीकरण
  • पार्टी में चल रही चर्चाओं में एआईसीसी ने जोगी परिवार को सिरे से किया खारिज

बिलासपुर.कांग्रेसी हल्कों में इस बात की चर्चा एक बार फिर गरमा गई है कि कोटा सीट से पार्टी टिकट की दावेदार डा.रेणु जोगी का नाम पैनल में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि इसकी पुष्टि कोई नहीं कर रहा है, परंतु चल रही चर्चा के वजन को दो तथ्यों से समझा जा सकता है कि एआईसीसी ने जोगी परिवार को सिरे से खारिज कर दिया है।Advertisement

कोटमी दौरे के दौरान राहुल गांधी ने नाम तक नहीं लिया

  1. जोगी परिवार के बिना ही मैदान में आने की कांग्रेस की तैयारी

    बहरहाल डा.जोगी का नाम पैनल में शामिल नहीं करने से साफ है कि प्रदेश कांग्रेस मौजूदा चुनाव जोगी परिवार के बिना ही लड़ने का पक्षधर है। टिकटार्थियों के पैनल में डा.जोगी के नाम के बारे में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी का कहना है कि गौरेला में जिला समन्वयक और ब्लाक कांग्रेस अध्यक्षों की उपस्थिति में रायशुमारी के दौरान डा.रेणु जोगी पहुंची थी, इसके बाद उनके आवेदन को विचारार्थ रख लिया गया था। भेजे गए पैनल के बारे में कहा कि जिले का अभिमत गोपनीय है, इसलिए वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। 

    Advertisement

  2. शैलेष पांडेय का नाम दो जगहों से 

    खबर यह भी है कि पीसीसी प्रवक्ता शैलेष पांडेय का नाम कोटा के अलावा बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के पैनल में भी शामिल किया गया है। अब तक इस सीट से पीसीसी महामंत्री अटल श्रीवास्तव अकेले चल रहे थे। खास बात यह है कि पांडेय ने पहले ही अपनी दावेदारी कोटा के लिए की थी। बिलासपुर के लिए उन्होंने अपना कोई दावा नहीं किया, तो उनका नाम पैनल में कैसे शामिल कर लिया गया? इसके बारे में स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों की रायशुमारी से निकले संकेतों को अहमियत दी जा रही है।

  3. बयानी जंग से सुर्खियों में हैं पांडेय

    कमेटी ने उम्मीदवारों के दावे के साथ दूसरे दावेदारों के बारे में भी उनकी राय जानी गई थी, जिसमें माहौल और मैदानी हालात जानने में उन्हें आसानी हुई। पांडेय के बारे में तर्क यह दिया जा रहा है कि चार बार से लगातार जीत रहे नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल के सामने ऐसे व्यक्ति को उतारना चाहिए, जिसकी आम लोगों में ग्राह्यता ज्यादा हो। बयानी जंग में पांडेय कुछ समय से सुर्खियों में आ चुके हैं।