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बच्चे खा गए आम, पति को नहीं मिला मैंगो शेक तो रिश्ते में आई खटास

जिला संरक्षण विभाग ने काउंसिलिंग करके एक महीने बाद दंपति का दोबारा कराया मेल

​भूपेश मथुरिया | Jul 03, 2018, 05:45 AM IST

हिसार. एक मीठे आम ने दंपति के रिश्ते में ऐसी खटास डाली कि दोनों को एक-दूसरे की शक्ल देखना भी नागवार लगने लगा। विवाद के बाद पत्नी तीन बच्चों को लेकर मायके चली गई। नौबत तलाक तक पहुंच गई थी। फिर इस मामले की शिकायत जिला संरक्षण अधिकारी के पास भी पहुंची तो एक पखवाड़े के बाद इनके दिलों का मिलन हुआ।

 

गुस्से में पति ने घर से निकाला तो पत्नी ने तलाक और हर्जाना भरने की मांग रख दी: दस साल पहले शादी के बंधन में बंधे थे। इनकी तीन संतानें हैं। पति प्राइवेट जॉब और पत्नी निजी स्कूल में टीचर है। पिछले तीन-चार महीने से छोटी-छोटी बातों पर कहासुनी होने लगी। एक महीने पहले पति इस बात पर भड़क गया था कि उसे मैंगो शेक नहीं मिला। बच्चे ने सुबह आधा आम खाकर बाकी फ्रिज में रख लिया। दोपहर को स्कूल से लौटने पर बाकी बचा आम भी बच्चे ने खा लिया। नौकरी से लौटे पति ने मैंगो शेक की इच्छा जताई तो पत्नी ने देखा कि फ्रिज में आम नहीं है। इसको लेकर पति बरस पड़ा और दंपति के बीच विवाद हो गया। पति ने पत्नी व बच्चों को घर से निकाल दिया। करीब 15 दिन पहले पीड़िता घरेलू हिंसा की शिकायत करने जिला संरक्षण विभाग पहुंची। पति से तलाक व हर्जाना भी मांगने लगी। अधिकारी ने एक सप्ताह तक दोनों पक्षों की काउंसलिंग की। काफी हद तक वैचारिक मतभेद दूर भी करवा दिए। आखिरकार विवाद के एक महीने बाद पति भी पत्नी और बच्चों को अपने साथ रखने को राजी हो गया।

 

ऐसे भी मामले आ रहे हैं सामने....

 

 

जेठ ने गंदे हाथों से पानी निकाला तो बहू ने टोका : हांसी के एक गांव में जेठ ने नाक की सफाई कर बिना हाथ धोए कैंपर से पानी निकालने के लिए उसमें गिलास डाल दिया। छोटी बहू ने टोक दिया। यह बात पति को पता चली तो पत्नी से झगड़ने लगा। घरेलू हिंसा का शिकार होने पर पत्नी भी जिला संरक्षण अधिकारी से गुहार लगाने पहुंची। तलाक दिलवाने में मदद मांगी लेकिन रिश्ते की अहमियत समझते हुए अधिकारी ने दंपती का घर बसा दिया।

 

 

पत्नी काे मोबाइल का शौक और तलाक की नौबत : शादी के 20 साल से पति भी बिना मोबाइल  के रह रहा था, लेकिन पत्नी मोबाइल की शौकीन थी। उसने मोबाइल खरीद लिया। पहले चोरी-छिपे और पोल खुली तो परिवार के सामने उसका इस्तेमाल करने लगी। मोबाइल का मोह न छूटता देख पति की नाराजगी बढ़ने लगी। पत्नी से रोज झगड़ा होने लगा। इससे खफा होकर पत्नी ने जिला सरंक्षण विभाग में जाकर घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज करवा दी थी। दंपती ने तलाक तक लेने का फैसला कर लिया था। हालांकि काउंसिलिंग के बाद उनका विवाद निपट गया।

 

बच्चे भी हो रहे हैं प्रताड़ित : घरेलू हिंसा के कारण जहां गृहस्थी की नींव हिल रही है, वहीं बच्चे भी मानसिकं एवं शारीरिक प्रताड़ना का शिकार होने लगे हैं। उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ने लगा है। ऐसे ही रोजाना 2 मामले जिला संरक्षण विभाग में सामने आ रहे हैं। जनवरी 2018 से लेकर अप्रैल माह तक घरेलू हिंसा की 226 शिकायतें आ चुकी हैं। शादी के बाद लव अफेयर, बेरोजगारी, नशा और वैचारिक मतभेद भी घरेलू हिंसा के मुख्य कारण हैं।

 

अजीबो-गरीब किस्से आ रहे सामने : घरेलू हिंसा के अजीबो-गरीब किस्से सामने आ रहे हैं। वहीं, कई अन्य कारणों से पत्नी के अलावा बच्चे भी प्रताड़ित होते हैं। ऐसे काफी केस आ रहे हैं, जिनमें बच्चे अपनी मां से ज्यादा स्वयं की पीड़ा बयां करते हैं। हर माह करीब 50 से 60 मामले सामने आते हैं। - बबीता चौधरी, जिला संरक्षण अधिकारी।

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