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डॉक्टर कहते रहे- वायरल फीवर है ठीक हो जाएगा, लेकिन घर लौटते ही 4 साल की बेटी की हो गई मौत, अब दुनिया काे अलर्ट कर रही है मां

डॉक्टर्स समझ रहे थे वायरल फीवर, लेकिन पोस्टमार्टम में सामने अाई मौत की दूसरी वजह

dainikbhaskar.com | Sep 11, 2018, 03:48 PM IST

(ये कहानी 'मेडिकल साइंस' सीरीज पर आधारित है। दुनियाभर में मेडिकल साइंस से जुड़ी ऐसी कई रियल लाइफ शॉकिंग स्टाेरीज हैं, जिन्हें जानने के बाद हम अवेयर हो सकते हैं।)

 

चेस्टरफील्ड. किसी बीमारी को वायरल फीवर समझना कितना घातक हो सकता है, उसका सबूत है 4 साल की इस बच्ची की अचानक मौत। दरअसल, इंग्लैंड के चेस्टरफील्ड में रहने वाली मिशेल फोस्टर अपनी बेटी की तबीयत को लेकर काफी चिंतित थीं। उसे कई दिनों से बुखार और सिरदर्द की शिकायत रहती थी। मिशेल बेटी को चेकअप के लिए ले जाती हैं, जहां एक डॉक्टर उसका रूटीन चेकअप करता है और कहता है कि उसे किसी इलाज की जरूरत नहीं, क्योंकि ये किसी तरह का वायरल फीवर है। इसके बाद डॉक्टर बच्ची को घर ले जाने को कहता है। घर पहुंचते ही मौत...


- मिशेल बेटी ग्रेसी को लेकर घर पहुंचती हैं, जहां उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगती है। उसके शरीर का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। मिशेल इमरजेंसी सर्विस को कॉल करती हैं, लेकिन तबतक बेटी की मौत हो जाती है।

 

ये थी मौत की वजह
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आता है कि बच्ची की मौत की वजह थी मेनिन्जाइटिस, जिसे दिमागी बुखार कहते हैं। हैरानी की बात ये है कि ग्रेसी की इस बीमारी को एक डॉक्टर ने वायरल फीवर बता दिया और उसकी जान चली गई।

 

क्या है ये बीमारी

मेनिन्जेस में होने वाली सूजन को मेनिन्जाइटिस कहते हैं। मेनिन्जेस तीन झिल्लियां होती हैं, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को ढककर रखती हैं। मेनिन्जेस के आसपास मौजूद लिक्विड में इंफेक्शन हो जाने पर दिमागी बुखार हो सकता है। इस बीमारी के कई प्रकार हैं, जो बैक्टीरियल, वायरल और फंगल हो सकते हैं। इसी वजह से इसे कई लोग इसे आम बुखार समझने की गलती कर जाते हैं।

 

मां ने कहा, हम भी उसकी मौत की वजह

- ग्रेसी की मौत के बाद उसके स्कूल प्रबंधन ने चौंकाने वाला खुलासा किया। स्कूल के मेडिकल टेस्ट में ग्रेसी में मेनिन्जाइटिस के लक्षण दिखे थे। उसे इसका लेटर देकर घर भेजा गया था। ग्रेसी के बैग में वो लेटर निकला। ग्रेसी की मां को इसपर बेहद अफसोस हुआ। उसने कहा, ''हमने अपनी बेटी को मौत के मुंह में धकेल दिया। काश हमने उसका बैग चेक किया होता''।

 

मां ने कहा किसी और के साथ ऐसा ना हो
- 4 साल की अपनी प्यारी बेटी को खोने के बाद मिशेल बुरी तरह टूट चुकी हैं। मिशेल कहती हैं, ''मैं डॉक्टर की बात मानकर बेटी को मरने के लिए घर ले आई''। मुझे उसका इलाज ठीक से कराना था"। मिशेल अब सोशल मीडिया के जरिए लोगों को इस बीमारी के खिलाफ जागरूक कर रही हैं, जिससे उनकी तरह किसी और को ऐसी तकलीफ ना मिले। 

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