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कार्रवाई/ खरीदी-बिक्री वाली साइट्स पर नौकरी का झांसा देने वाले चार गिरफ्तार

Dainik Bhaskar | Sep 12, 2018, 02:47 AM IST
पुलिस हिरासत में आरोपी
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देशभर के बेरोजगारों से रजिस्ट्रेशन के लिए मांगे 4-5 हजार रुपए, हजारों से ठगी का अंदेशा

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 02:47 AM IST

रायपुर. ओएलक्स और क्वीकर जैसी साइट पर नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों से ठगी करने वाले दिल्ली का अंतरराज्यीय गिरोह भांडा फूट गया। क्राइम ब्रांच ने दिल्ली में दस दिन डेरा डालकर चार युवकों को गिरफ्तार किया है। चारों ने बेरोजगारों को जाल फंसाने के लिए फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी बनायी थी। आरोपी युवकों को दिल्ली बुलाकर इंटरव्यू लेते थे। रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 4-5 हजार फीस लेते थे।

उसके बाद इंटरव्यू कर नौकरी के लिए अपात्र घोषित कर देते थे। बेहद छोटी रकम होने के कारण कोई शिकायत नहीं करते थे। इस तरह उन्होंने देश के कई शहरों में ठगी की। आमानाका के एक छात्र की शिकायत पर पुलिस ने जांच की तब संगठित रैकेट सामने आया।

एडिशनल एसपी क्राइम दौलतराम पाेर्ते ने बताया कि दिल्ली वजीराबाद का अमित मिश्रा (30) और विमलेश सिंह (28) टेक जोन प्लेसमेंट एजेंसी चलाते थे। वहां अमेठी का धर्मेंद्र सिंह और बुराड़ी का राजकुमार मौर्य नौकरी करते थे। आरोपी ओएलएक्स और क्वीकर पर कई कंपनियों में पद रिक्त होने पोस्ट करते थे और उसमें संपर्क के लिए अपना नंबर डालते थे। आरोपियों ने मार्च में सैमसंग कंपनी में सुपरवाइजर की भर्ती के लिए पोस्ट किया था। उसे देखकर टाटीबंध के राहुल समहर ने उनसे संपर्क किया। धर्मेंद्र ने कॉल रिसीव किया।

उसने राहुल से उसकी व्यक्तिगत जानकारी ली और कहा कि बिलासपुर में सुपरवाइजर का पोस्ट है। उसके लिए योग्य व्यक्ति की तलाश हैं। राहुल उनके झांसे में आ गया। आरोपियों ने उसे इंटरव्यू के लिए वजीराबाद बुलाया, जहां उनका दफ्तर था। राहुल प्लेसमेंट एजेंसी के दफ्तर पहुंच गया। वहां धर्मेंद्र ने उससे दस्तावेज लिया। उसे इंटरव्यू के लिए 2010 रुपए का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा। राहुल ने तुरंत रजिस्ट्रेशन करा लिया। उसके बाद विमलेश ने उसका इंटरव्यू लिया और दस दिन में रिजल्ट बताने की बात कहीं। राहुल रायपुर लौट आया।

दस दिन बाद उसने एजेंसी में फिर संपर्क किया। फिर उससे दो हजार जमा करने के लिए कहा गया। जब पैसे जमा किए तो कॉल आया कि रायपुर में उनका दफ्तर है। जहां जीपी गुप्ता बैठते है, जो उन्हें ट्रेनिंग देंगे। उनका चयन सुपरवाइजर के लिए हो गया है। उसे गुप्ता का नंबर दिया गया। राहुल ने गुप्ता से संपर्क किया और उसके आमानाका ऑफिस गया।

गुप्ता ने 450 रुपए का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा। राहुल ने रजिस्ट्रेशन करा लिया। एक सप्ताह बाद ट्रेनिंग देने की बात कही। कुछ दिन बाद फोन आया कि भर्ती रद्द कर दी गई। तब राहुल ने कहा कि कहीं और भर्ती हो रही है, तो वहां कर दीजिए।ठग ने नए सिरे से रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा। तब राहुल को शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने चारों आरोपी को दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार रात जीपी गुप्ता को भी पकड़ लिया गया।

डेढ़ साल से चल रहा ठगी का खेल :पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि डेढ़ साल से आरोपियों का ठगी का खेल चल रहा है। आरोपी हर दूसरे-तीसरे दिन नौकरी के नाम से दोनों साइट में पोस्ट करते हैं। देश के कई बेरोजगार युवकों ने उनसे संपर्क किया है। आरोपियों ने रायपुर के अलावा राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और बिहार में अपना ब्रांच खोली थी, जहां उनके कर्मचारी बैठते थे। जो भी उनसे संपर्क करता था, उन्हें दिल्ली बुलाते थे। रजिस्ट्रेशन के नाम से पैसे लेते थे, फिर अपात्र घोषित कर देते थे।