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शिक्षक भर्ती परीक्षा में कई बड़े अधिकारी पर गिरी गाज, गड़बड़ी को लेकर डॉ. सुत्ता सिंह निलंबित,प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में की होगी जांच

DainikBhaskar.com | Sep 08, 2018, 01:27 PM IST

पहली परीक्षा 68500 पदों के लिए हुई, धरना-प्रदर्शन के बाद 6127 अभ्यर्थियों की दूसरी चयन सूची हुई जारी थी ।

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लखनऊ. बेसिक शिक्षक भर्ती में गड़बड़ियों के मामले में शनिवार सुबह सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह को निलम्बित कर दिया गया। बेसिक शिक्षा परिषदकेसचिव संजय सिन्हा औररजिस्ट्रार जीवेन्द्र सिंह ऐरी को हटा दिया गया है। इन अफसरों पर चयनित अभ्यर्थियों को जिला आवंटन में मनमानी करने का आरोप है। आरोप है कि पहली सूची में अधिक गुणांक वालों को दूर के जिलों में भेजा गया है, वहीं दूसरी सूची में कम गुणांक वालों को उनका गृह जिला आवंटित हो गया है। यह नौबत इसलिए आई क्योंकि दो चयन सूची बनी।

अफसरों की कार्यशैली पर उठे रहे सवाल?: प्रदेश में पहली बार प्राथमिक शिक्षक भर्ती में मेरिट की जगह लिखित परीक्षा के जरिए चयन हुआ। पहली परीक्षा 68500 पदों के लिए हुई। भर्ती की पूरी प्रक्रिया के दौरान कई विवाद हुए। नौ जनवरी को जारी भर्ती के शासनादेश में जो उत्तीर्ण प्रतिशत सामान्य ओबीसी का 45 व एससी-एसटी का 40 फीसदी तय हुआ, उसे परीक्षा के छह दिन पहले बदला गया। बदले उत्तीर्ण प्रतिशत को हाईकोर्ट ने नहीं माना, तब परीक्षा परिणाम के पांच दिन पहले फिर शासनादेश में तय प्रतिशत का अनुपालन किया गया। परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर गंभीर सवाल उठे। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने कॉपियों की दोबारा जांच के लिए पत्र सौंपे। सोनिका देवी की उत्तर पुस्तिका बदलने का मामला कोर्ट में प्रमाणित हुआ। अब तक उसकी मूल कॉपी नहीं मिली। कुल 23 अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों को सफल बताकर जिला आवंटन हुआ। धरना-प्रदर्शन के बाद 6127 अभ्यर्थियों की दूसरी चयन सूची जारी हुई।