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अंग्रेज भी गांधीजी से बात करते थे, पर यह सरकार तो संवाद ही नहीं करती-शक्तिसिंह

रक्त शर्करा और अन्य जांच के लिए रक्त और मूत्र के नमूने देने से हार्दिक ने मना कर दिया।

Dainikbhaskar.com | Sep 03, 2018, 04:08 PM IST

अहमदाबाद। हार्दिक पटेल के उपवास के सोमवार को दस दिन हो गए। हार्दिक के समर्थन में शक्तिसिंह गोहिल ने उससे मिलकर बताया कि सरकार संवेदनहीन हो गई है। उनके अनुसार गांधीजी जब उपवास पर रहते थे, तब अंग्रेज सरकार उनसे संवाद करती थी, पर यह सरकार तो हार्दिक के साथ संवाद करने को भी तैयार नहीं है। पीएम से कहता हूं…

 

शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि मैं पीएम से कहता हूं कि जिन पाटीदारों ने आपको उच्च पद तक पहुंचाया, आज आप उन्हीं की उपेक्षा कर रहे हैं। हार्दिक से चर्चा करना आवश्यक है। आज जन्माष्टमी पर मैं सभी लोगों से कहता हूं कि वे हार्दिक के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करें। हिरण्यकश्यप ने एक छोटे से बच्चे की हत्या करनी चाही, पर उसका ही वध हो गया। पीएम और भाजपाध्यक्ष को इससे सीख लेनी चाहिए। हार्दिक का मामला अब राजनीतिक नहीं, बल्कि गुजरात के गौरव से जुड़ गया है।

 

हार्दिक का ब्लड और यूरिन के नमूने देने से इनकार

हार्दिक के स्वास्थ्य की जांच कर रहे चिकित्सक पी के सोलंकी ने बताया कि सुबह हार्दिक का रक्तचाप सामान्य था। रक्त शर्करा और अन्य जांच के लिए रक्त और मूत्र के नमूने देने से हार्दिक ने मना कर दिया।

 

जीतनराम मांझी भी मिले हार्दिक से

 

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और गुजरात के नेता प्रतिपक्ष परेश धानानी रविवार को हार्दिक पटेल से मिले। हार्दिक के सहयोगी मनोज पनारा ने बताया कि हार्दिक ने अपनी वसीयत भी तैयार करवाई है। इसमें उनके 50 हजार रुपये में से 20 हजार उनकी माता-पिता को और 30 हजार बीमार गायों के लिए गौशाला में देने को लिखा गया है।

 

25 अगस्त से हैं भूख हड़ताल पर

किसानों की ऋण माफी, पाटीदार-आरक्षण और राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार अपने साथी अल्पेश कथीरिया की रिहाई की मांग को लेकर 25 अगस्त से यहां ग्रीनवुड रिसोर्ट स्थित अपने आवास में अनशन पर बैठे हार्दिक ने तीन दिन पहले जल त्याग भी कर दिया था। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद गडढ़ा स्वामीनारायण मंदिर के प्रमुख एस पी स्वामी ने शुक्रवार शाम उनसे फिर से पानी पीने का आग्रह किया था, उस समय वह रो पड़े थे और इस पर विचार के लिए एक दिन का समय मांगा था। हार्दिक ने शनिवार को उनके हाथ से पानी पीकर इसकी शुरुआत कर दी थी। स्वामी ने कहा था कि हार्दिक ने पानी पीने का आग्रह तो मान लिया है पर किसानों की कर्ज माफी की घोषणा होने तक वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।

 

 
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