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हार्दिक पटेल के साथ 3 साल पहले 25 लाख पाटीदार थे, आज केवल 100

उपवास के चलते राज्य की पुलिस सतर्क, शनिवार की दोपहर से अनशन।

Dainikbhaskar.com | Aug 25, 2018, 02:32 PM IST

 

अहमदाबाद। 25 अगस्त 2015 को जिस हार्दिक पटेल ने जीएमडीसी में ग्राउंड सम्मेलन किया था, तब उसके साथ 25 लाख पाटीदार थे। आज उनके साथ 4 सांसदों के अलावा केवल 100 पाटीदार ही हैं। वैसे सरकार ने हार्दिक को उपवास की अनुमति नहीं दी है। इसलिए हार्दिक अपने घर पर ही अनशन करेंगे। उधर हार्दिक पटेल ने कहा है कि अनशन के दौरान अरविंद केजरीवाल, राज बब्बर और ममता बनर्जी, तेजस्वी और ठाकरे भी आएंगे। कई पाटीदारों को हिरासत में लिया गया…

 

हार्दिक के उपवास में शामिल होने के लिए महेसाणा समेत गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से अहमदाबाद जा रहे पास नेताओं और पाटीदारों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। राज्य सरकार द्वारा हार्दिक को किसी भी स्थल की मंजूरी नहीं दी गई है। हार्दिक के पास जाने वाले लोगों के डॉक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है। पूरे राज्य में धारा 144 लागू कर दी गई है।

हार्दिक का दावा

उधर, हार्दिक पटेल ने दावा किया है कि उनके कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे तथा कांग्रेस नेता राजबब्बर शिरकत करेंगे। उनकी इन सभी से बात हुई है और वे 27 अगस्त से एक-एक कर इसमें आएंगे।

 

नहीं मिली अनुमति

इस बीच, गांधीनगर जिला प्रशासन ने भी उनके अनशन की अनुमति देने से शनिवार को इनकार कर दिया। उधर, हार्दिक ने आरोप लगाया है कि सरकार के इशारे पर उनके समर्थन के लिए गुजरात के अलग-अलग हिस्सों से अहमदाबाद आने का प्रयास कर रहे उनके समर्थकों को हिरासत में लिया जा रहा है।

 

सुनवाई टली

इस बीच, हार्दिक के खिलाफ यहां रामोल इलाके में भाजपा के पार्षद परेश पटेल के घर पर हुए हमले से जुड़े मामले की शुक्रवार को होने वाली सुनवाई जज की अनुपस्थिति के कारण टल गई। इस प्रकरण में राज्य सरकार ने उनके आचरण के चलते उनकी जमानत रद्द करने की अर्जी की है। हार्दिक ने इस मामले में जमानत की शर्त में सुधार का आग्रह किया है ताकि उन्हें मुकदमे की सुनवाई के दौरान रामोल इलाके में प्रवेश मिल सके।

 

हार्दिक ने कहा था कि वह जेल में भी करेंगे अनशन

सरकारी वकील सुधीर ब्रह्मभट्ट ने बताया कि इस अर्जी पर एडीजे चौहान की अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है। यहां सत्र अदालत में अब इस मामले में 27 अगस्त को फैसला आने की संभावना है। हार्दिक ने आशंका जताई थी कि सरकार उनके अनशन को रोकने के लिए उनका जमानत रद्द करा सकती है। वह जेल में भी अनशन जारी रखेंगे।

 

पहले अहमदाबाद के नारोल में मांगी थी अनशन की इजाजत

हार्दिक ने पहले अहमदाबाद के पाटीदार बहुल नारोल में अनशन के लिए स्थान की मांग की थी और बाद में राजधानी गांधीनगर के सत्याग्रह छावनी मैदान की मांग की, पर प्रशासन ने इसकी मंजूरी नहीं दी। हार्दिक की समर्थक माने जाने वाली विपक्षी कांग्रेस पार्टी के 21 विधायकों ने भी सरकार से उनके कार्यक्रम को मंजूरी देने की मांग की थी। शुक्रवार को हार्दिक पटेल विसनगर कोर्ट में हाजिर हुए। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी। शनिवार को हार्दिक पटेल के अनशन को देखते हुए अहमदाबाद पुलिस द्वारा चाकचौबंद व्यवस्था की गई है। अहमदाबाद में पाटीदार बहुल इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।

 

निषेधाज्ञा लगाने के फैसले पर भी उठाए सवाल

हार्दिक ने सरकार के अहमदाबाद में निषेधाज्ञा लगाने के फैसले पर भी सवाल उठाया और कहा कि ऐसा उनके आंदोलन को विफल करने के प्रयास के तहत किया गया है। इस बीच हार्दिक की पूर्व सहयोगी और अब भाजपा में शामिल रेशमा पटेल ने दावा किया कि हार्दिक किसी तरह अपना नाम बनाए रखने के लिए यह शिगूफा छोड़ रहे हैं।

 

 

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