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रोडवेज हड़तालः एस्मा के बावजूद बसें रोक रहे रोडवेज कर्मियों पर जींद में लाठीचार्ज, फतेहाबाद में 45 पर मामला दर्ज

प्राइवेट बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत परमिट देने के विरोध में हड़ताल कर रहे रोडवेज कर्मचारी

dainikbhaskar.com | Sep 05, 2018, 02:54 PM IST

हरियाणा। प्राइवेट बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत परमिट देने के विरोध में हड़ताल कर रहे रोडवेज कर्मचारियों पर बुधवार को जींद में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। बसों को जाने से रोक रहे कर्मचारियों पर लाठियां भांजी गई। करीब 30 कर्मचारियों को हिरासत में भी लिया गया। वहीं, फतेहाबाद में भी पुलिस और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद हिरासत में लिए गए 45 कर्मचारियों पर एस्मा के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। 

 

जींदः जींद में सुबह 4 बजे चंडीगढ़ के लिए जाने वाली बस को वर्कशाप से निकाला गया तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने विरोध किया। इस दौरान एसडीएम वीरेंद्र सिंह सहरावत, डीएसपी पवन कुमार, रोडवेज जीएम आरएस पूनिया व पुलिस बल मौके पर था। बस जैसे ही बाहर निकली तो एक कर्मचारी बस के ऊपर चढ़कर रोकने लगा। इस पर पुलिस ने कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया और उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद से रोडवेज बसें सुचारू रुप से चल रही हैं।

 

फतेहाबादः यहां भी कर्मचारी सुबह बसों को निकलने से रोक रहे थे। वहां मौजूद पुलिस टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस बीच पुलिस और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस सभी कर्मचारी नेताओं को हिरासत में लेकर थाने ले गई। वहां 45 कर्मचारियों पर एस्मा के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।

 

रेवाड़ीः यहां बसों का संचालन रोकने को लेकर करीब 20 रोडवेज कर्मचारियों व यूनियनों के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस पहरे में बसें रवाना की गई। लगभग 60 कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया गया। 
 

अम्बालाः यहां रोडवेज हड़ताल बेअसर रही। देर रात से डीएसपी बलजीत सिंह की अगुवाई में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और बसें तय समय पर अपने रूट पर निकली। 
 

रोहतकः रोहतक में वर्कशाप से निकलने के बाद कुछ कर्मचारी बसों के आगे लेट गए। वे विरोध करने लगे। यहां मौजूद पुलिस ने उन्हें उठाया और बसों को रवाना किया। 

 

भिवानीः भिवानी में हड़ताल बेअसर रही। यहां रोडवेज जीएम ने खुद गेट पर बैठकर सभी बसों को अलग-अलग रूट के लिए रवाना किया। 

 

कुरुक्षेत्र: भारी पुलिस बल और आरएएफ की मौजूदगी में बसें कुरुक्षेत्र बस स्टैंड से निकाली गई। डीसी, एसपी और रोडवेज जीेएम रहे मौजूद। 

 

4 साल में 11वीं बार कर रहे हैं हड़ताल : रोडवेज कर्मचारी हरियाणा की बीजेपी सरकार के 4 साल के कार्यकाल में 11वीं बार हड़ताल कर रहे हैं। प्रदेश में रोडवेज के बेड़े में 4083 बसें हैं। करीब 3900 हर रोज सड़कों पर चलती हैं। ये बसें करीब 13 लाख किमी का सफर तय कर 12.50 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। सभी बसें खड़ी रहती हैं तो महकमे को एक दिन में 5 करोड़ का नुकसान हो सकता है। 

 

जुलाई में 34 में से 25 मांगें मानी थी: परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार ने बताया कि जुलाई में यूनियनों के साथ बैठक में 34 में से 25 मांगें मानी थीं। निजी बसों को न चलाने की मांग को मानने से साफ इनकार कर दिया था। यदि कोई हड़ताल पर जाता है तो एस्मा एक्ट के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें बर्खास्तगी तक शामिल है। 

 

हाईकोर्ट भी हड़ताल पर हुआ सख्त: एस्मा के बावजूद रोडवेज कर्मियों की हड़ताल पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि हड़ताल की वीडियोग्राफी कराई जाए। हड़ताल करने वालों पर एस्मा एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई हो और उनके बायोमीट्रिक अटेंडेंस पर भी नजर रखी जाए। कोर्ट ने कहा कि रोडवेज यूनियन ने हाईकोर्ट में पहले अंडरटेकिंग देकर हड़ताल न करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में अब चक्का जाम या हड़ताल करनाल कोर्ट की अवमानना है। अंडरटेकिंग देने वाले कर्मचारी नेताओं को 3 अक्टूबर के लिए अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। कोर्ट ने कहा कि हरियाणा में पहले भी कई हिंसा देख चुके हैं। इस बार आम लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

 

सरकार का तर्क- रोडवेज का घाटा कम होगा, अच्छी सुविधाएं मिलेंगी: सरकार का तर्क है कि इस नीति से रोडवेज के घाटे में कमी आएगी। यात्रियों को अच्छी सुविधा मिल सकेगी। अभी एक सरकारी बस पर 42-43 रुपए प्रति किमी. खर्च आ रहा है, जबकि प्राइवेट बसों के संचालन में 32 रुपए प्रति किमी. से ज्यादा खर्च नहीं आएगा। वर्तमान में रोडवेज 675 करोड़ रु. के घाटे में चल रहा है। 

 

5 यूनियनें हड़ताल पर, बाकी समर्थन में, प्रदेशभर के रूट हो सकते हैं प्रभावित: ऑल हरियाणा वर्कर यूनियन, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ, भारतीय मजदूर संघ, मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन और इंटक से संबंधित रोडवेज वर्कर यूनियन हड़ताल पर आ गई है। अन्य यूनियनों ने हड़ताल को समर्थन दिया है। हड़ताल के कारण प्रदेशभर के रूट प्रभावित हो सकते हैं। 

कर्मचारियों का दावा- 2 ट्रांसपोर्टर्स को फायदा पहुंचाने के लिए ठेका प्रथा बढ़ा रहे: कर्मचारी नेताओं का दावा है कि पानीपत के 2 ट्रांसपोर्टर्स को फायदा पहुंचाने के लिए ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं जॉइंट एक्शन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य हरिनारायण शर्मा का कहना है कि पहले कोई शर्त नहीं थी। बाद में कम से कम 5 बसों की शर्त जोड़ दी। रोडवेज बसें 24-25 रु. प्रति किमी कमाई करती हैं। जबकि निजी बसों में सरकार खुद का कंडक्टर रखकर भी मालिक को 42 रु. तक प्रति किमी देगी। जांच हो तो बड़ा घोटाला निकलेगा। 

 

एसीएस के आदेश- बस रोकने वालों पर जीएम केस दर्ज कराएं: रोडवेज महकमे के एसीएस धनपत सिंह ने डीसी और एसपी को पत्र जारी कर कानून व्यवस्था बनाए रखने को कहा है। रोडवेज जीएम को आदेश दिए हैं हड़ताल करने वालों पर एस्मा के तहत कार्रवाई की जाए। बसों को रोकने व नुकसान पहुंचाने वालों पर केस दर्ज कराया जाए। एसएचओ को लिखित शिकायत दें। कॉपी डीसी-एसपी को भी भेजें। 

 

डीजी ट्रेनिंग के लिए छुट्टी पर गए: ट्रांसपोर्ट कमिश्नर एवं रोडवेज महकमे के महानिदेशक (डीजी) विकास गुप्ता विदेश में ट्रेनिंग के सिलसिले में पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार छुट्टी पर चले गए हैं। उनकी जगह ट्रांसपोर्ट कमिश्नर का अतिरिक्त चार्ज पर्सनल, ट्रेनिंग विजिलेंस एंड पार्लियामेंट्री अफेयर्स विभाग के सचिव आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को दिया है, जबकि रोडवेज महानिदेशक का अतिरिक्त कार्यभार एचएसआईआईडीसी के एमडी एचसीएस अधिकारी नरहड़ी सिंह बांगड़ को सौंपा है। जबकि एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के करीब 15 दिन से खाली पद का अतिरिक्त कार्यभार हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के सचिव एवं एचसीएस जयदीप कुमार को दिया है। 

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