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यहां की पहाड़ियों में घुली है इलायची और काली मिर्च की खुशबू, इडुक्की डैम को कहते हैं केरल का पावर हाउस

एशिया के ऊंचे डैम में शामिल ये बांध अपनी खूबसूरती के लिए भी जाना जाता है।

Dainikbhaskar.com | Aug 11, 2018, 03:12 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. केरल में बाढ़-बारिश से हालात बिगड़ने के कारण शुक्रवार सुबह इडुक्की बांध के दो और गेट खोल दिए गए। एशिया के ऊंचे डैम में शामिल ये बांध अपनी खूबसूरती के लिए भी जाना जाता है। कुरुवनमला और कुरुथीमला पहाड़ी के बीच बना आर्च डैम इडुक्की का टूरिस्ट प्लेस भी है। पेरियार नदी के किनारे स्थित इस डैम को देखने हर साल लाखों टूरिस्ट आते हैं। जंगलों से घिरे डैम के अलावा भी इडुक्की और कई दिलचस्प बातों के लिए जाना जाता है-

1- केरल का दूसरा सबसे बड़ा जिला

26 जनवरी 1972 में बना इडुक्की केरल का दूसरा सबसे बड़ा जिला है। इडुक्की में थोडुपुझा, पेरियार, और थाल्या नदियाों के अलावा 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली तेरह चोटियां भी हैं। इडुक्की को केरल पावर हाउस कहा जाता है क्योंकि यह राज्य की हाइड्रोइलैक्ट्रिक पावर की खपत का 66% आपूर्ति को पूरा करता है। इडुक्की में इडुक्की आर्क बांध, कुलामावू बांध और चेरूथनी बांध तीन महत्वपूर्ण बांध हैं। 

2- यहां 12 साल में एक बार खिलते हैं नीलकुरिंजी

इडुक्की जिले का मुन्नार यूं तो एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन और जायकेदार चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। लेकिन इस साल ये खास तरह के फूलों के कारण चर्चा में है। यहां 12 साल बाद फिर से नीलकुरिंजी के फूल खिल गए हैं जिसके कारण पूरी वादी नीली नजर आ रही है। यह वेस्टर्न घाट्स के शोला फॉरेस्ट में हर 12 साल में एक बार खिलता है फिर सूख जाता है। सूखने पर इसके बीज वहीं पर गिर जाते हैं और इसी से अगली पौध तैयार होने लगती है।

3- मसालों के लिए भी जाना जाता है

इडुक्की के प्रसिद्ध बागान मरिक्केडि में चाय और कॉफी की खुशबू हवा में तैरती है। नेदुम्कंदम हिल मसाले की भूमि के रूप में जानी जाती है। यहां काली मिर्च और इलायची की खेती की जाती है। मुन्नार से 15 किलोमीटर दूर इरविकुलम नेशनल पार्क प्राकृतिक सुंदरता और दुर्लभ नीलगिरी बकरों के लिए मशहूर है। यहां ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। इस पार्क के पास में ही ​दक्षिण भारत की सबसे ऊंची अनामुड़ी पहाड़ी है। इसकी ऊंची 2700 मीटर है। हालांकि इस चोटी पर जाने के लिए आपको वाइल्ड लाइफ अथॉरिटी की अनुमति लेनी होगी। 

4- कई दुर्लभ पौधे और वन्यजीव हैं यहां

इडुक्की में एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में मंगला देवी मंदिर शामिल है, जो समुद्र की सतह से 1337 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसका निर्माण वदक्कमकूर राजा ने करया था। इडुक्की के थेकाडी में प्रसिद्ध पेरियार राष्ट्रीय उद्यान है। यहां के करिंजमाला अभ्यारण्य में कई दुर्लभ वनस्पतियां और वन्यजीव की प्रजातियां देखने को मिलती हैं। इससे सटे क्षेत्र में चिनार वन्यजीव अभ्यारण्य, इंदिरा गांधी वन्यजीव अभ्यारण्य, आनामुड़ी शोला राष्ट्रीय उद्यान और पम्पदुम शोला राष्ट्रीय उद्यान हैं। दुनिया के हर कोने से लोग यहां नीलगिरि तहर, नीलगिरि जंगली कबूतर, गौर, बैंगनी फ्राग टाइगर, सफ़ेद विशालकाय गिलहरी, हाथी, सांभर हिरण और नीलकुरिंजी देखने आते हैं।

5- पक्षियों की कई प्रजाति यहां देखने को मिलेंगी

अगर आप पक्षियों की तरह-तरह की प्रजातियों को देखने के शौकीन है तो इडुक्की बेहतरीन विकल्प है। यहां ग्रे कलर के जंगली उल्लू, मालाबार ग्रे हॉर्नबिल, गुलाब बिल्ड रोलर, लाल गले का बार्बर, क्रेस्टेड सर्पेंट ईगल, ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल और फेयरी ब्लूबर्ड जैसे लुप्तप्राय पक्षियों को देख सकते हैं। ट्रैकिंग करना पसंद है तो कैलवरी माउंट, कुलामावु, पालकुलमेडु और नेदुमकंदम हिल की यात्रा कर सकते हैं। 

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