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बच्चे के शर्मीलेपन को दूर करने के लिए उनमें कॉन्फिडेंस लाना जरूरी

Dainikbhaskar.com | May 28, 2018, 05:28 PM IST

अगर अक्सर बच्चा आपके सवाल का सामने जवाब देने से कतराता है तो इसे नजरअंदाज न करें।

मां-पिता ध्यान दें कि वह अपने बच्चों को कभी भी शर्मीला नहीं बोलें।
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यूटिलिटी डेस्क. कुछ बच्चे बचपन से शर्मीले स्वभाव के होते हैं। उनका शर्मीलापन तब सामने आता है जब घर आया कोई मेहमान उनसे कुछ बात करता है। शर्मीले बच्चे नॉर्मल सवालों के जबाव देने से भी कतराते हैं। माता-पिता की नजर में बच्चे कई जगहों पर उनकी इंसल्ट करा देते हैं। जबकि माता-पिता ही अपने बच्चों की दिनचर्या और आदतों में कुछ बदलाव कर इस समस्या को दूर कर सकते हैं। पेरेंटिंग एक्सपर्ट डॉ. विनय मिश्रा से जानते हैं समस्या का समाधान...

8 प्वाइंट्स : इन बातों पर ध्यान दें पेरेंट्स

01. फीडबैक दें
जब बच्चा अपनी बात कहता है तो अपने इमोशंस भी एक्सप्रेस करता है। ऐसे में उसकी बात को
तवज्जों दें। आपको उसकी बात समझ आ रही हैं इसके स्पष्ट संकेत उसे दें।

02. विश्वास दिलाएं
बच्चे को विश्वास दिलाएं कि अन्य बच्चों की अपेक्षा उसमें कोई कमी नहीं है। कोई मोटा है, नाटा है, काला है इसका मतलब यह नहीं कि वह दूसरों से नीचा है।


03. उन्हें शर्मीला न कहें
कई लोग बच्चों को ताना मारते हैं। मां-पिता ध्यान दें कि वह अपने बच्चों को कभी भी शर्मीला नहीं बोलें। ऐसे में वह स्वयं का मूल्यांकन नकारात्मक करने लगते हैं।

04. संवाद बढ़ाएं
ऐसे बच्चों को संवाद की एक्सरसाइज कराएं। जैसे कोई आया है तो उसे पहले सिर्फ नमस्ते करने को बोलें। फिर छोटी शुरुआत करके आगे की वार्तालाप करवाएं।

05. टीचर से बात करें
बच्चे के नेचर के बारे में टीचर को पहले से बताएं। ताकि टीचर उसके चुप रहने पर उसे अपमानित नहीं करे। उसे अपनी बात समझाने की अलग कोशिश करें।

06. प्रैक्टिस करवाएं
कहीं जाने से पहले हम उसे बात करने की प्रैक्टिस करवा सकते हैं। जैसे वह कैसे बड़ों को नमस्ते और दोस्तों से हैलो बोलेगा। कैसे बर्थडे विश करेगा, कैसे गिफ्ट देगा।

07. डराएं नहीं
अक्सर पैरेंट्स अपने शर्मीले बच्चों को डराने वाली बातें करते हैं। जैसे तुमने बात नहीं की तो मैं मारूंगी या फिर तुम्हें सजा मिलेगी। ऐसा व्यवहार अपनाना समस्या का हल नहीं।

08. अपना उदाहरण दें
इस समस्या में माता या पिता में से कोई एक का पूर्व में शर्मीला व्यवहार हो सकता है। बच्चे को अपना उदाहरण देकर समझाएं कि कैसे आपने यह परेशानी खत्म की थी


शर्मीलेपन के 6 कारण

बच्चे की सोशल स्किल्स बहुत कम है तो वह शर्मीला व्यवहार अपनाएगा। मां या बाप में से कोई एक शर्मीला हो तो वह कैरेक्टर बच्चों में अा जाता है। पैरेंट्स या रिश्तेदार बच्चों की आलोचना करते हैं, तो वे शर्मीले हो जाते हैं। पैरेंट्स बच्चों को कम टाइम देते हैं तो शाय नेचर डेवलप होने लगता है। उनमें अपर्याप्तता की भावना रहती है। उनको लगता है बाकी मुझसे स्मार्ट हैं। जो बच्चे अंधेरे, कुत्ते के भौंकने आदि से डरते हैं वह शर्मीले हो जाते हैं।

कहीं जाने से पहले हम उसे बात करने की प्रैक्टिस करवा सकते हैं।