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ग्रीन गांव सपोस, जहां सुबह 8.59 बजते ही शुरू हो जाता है राष्ट्रगान

वैसे तो भारत के नागरिकों के अंदर देशभक्ति कूट-कूट कर भरी है, पर जिले के छोटे से गांव ग्रीन गांव सपोस के अंदर...

Bhaskar News Network | Aug 23, 2018, 03:40 AM IST
वैसे तो भारत के नागरिकों के अंदर देशभक्ति कूट-कूट कर भरी है, पर जिले के छोटे से गांव ग्रीन गांव सपोस के अंदर देशभक्ति का कुछ अलग ही जज्बा है। यह जिले का पहला गांव है जहां, हर रोज मंदिरों की आरती की जगह सुबह-सुबह राष्ट्रगान गाया जाता है।

जन-गण-मन से होती है गांव की सुबह

गांव में रोज राष्ट्रगान बजाया जाता है। सुबह 8.59 बजे इसकी घोषणा होती है। लाउडस्पीकर के जरिए पूरा गांव जन-गण-मन से गूंज उठता है। लाउडस्पीकर पर बजने वाले राष्ट्रगान के सम्मान में दुकानों में काम करते और सड़क पर चलते लोग जहां हैं वहीं खड़े हो जाते हैं।

जज्बा

गांव की हर गली में लगा है लाउड स्पीकर, यह जिले का पहला गांव है जहां, हर रोज मंदिरों की आरती की जगह सुबह-सुबह राष्ट्रगान गाया जाता है

रोज सुबह 8.59 बजे स्वेच्छा से रुक जाते हैं सारे काम

इस गांव के लोग सप्ताह के हर दिन राष्ट्रगान गाने के लिए 52 सेकेंड तक अपना सभी काम रोक देते हैं। घरों में लोग और मोटरसाइकिल, व साइकिलों पर सवार या सड़क पर चल रहे राहगीर राष्ट्रगान शुरू होते ही अपनी जगह रुककर खड़े हो जाते हैं। वहीं गांव में काम करने वाले मजदूर भी राष्ट्रगान के समय काम रोककर सावधान की स्थिति में खड़े हो जाते है।

आसपास के गांव के लिए बना प्रेरणा

रोजाना सुबह राष्ट्रगान की धुन बजती है। उससे आसपास के अन्य ग्रामवासी भी प्रेरित हो गए हैं। इसकी चर्चा पूरे जिले में है। इस पहल को समझने के लिए प्रदेश भर से कई सरपंच पूरी व्यवस्था को देखने आ चुके हैं और उन्होंने इसे अपनाने के लिए भी पहल भी की है।

महासमुंद| सुबह 8.59 बजे गांव में राष्ट्रगान के दौरान सावधान की मुद्रा में खड़े हुए लोग।

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