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2019 में मोदी विरोधियों के साथ आने पर 368 लोकसभा सीटों वाले 22 राज्यों में कमजोर हो सकती है BJP

2019 में पूरा विपक्ष साथ मिलकर मोदी के खिलाफ चुनाव लड़े तो सीटों के लिहाज से 5 सबसे बड़े राज्यों में भी बीजेपी घट जाएगी।

DainikBhaskar.com | Jun 06, 2018, 03:42 PM IST

नेशनल डेस्क. एक तरफ जहां बढ़ती विपक्षी एकता ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं, वहीं दूसरी तरफ अब उसकी खुद की अलायंस पार्टियां भी तेवर दिखाने लगी हैं। शिवसेना के बाद अब जेडीयू ने भी बीजेपी के सामने मांग रख दी है। पार्टी बिहार में 40 में से 25 सीटों पर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती है। जानकार इसे बीजेपी-जेडीयू गठबंधन में दरार का संकेत मान रहे हैं।

 

 

इन सबके बीच DainikBhaskar.com ने 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी सहित विभिन्न पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत को खंगाला। रिसर्च के जरिए समझा कि अगर 2019 में बीजेपी को अलायंस के बिना ही लोकसभा में उतरना पड़े और उसके खिलाफ सारी पार्टियां एक साथ मिलकर चुनाव लड़े तो क्या तस्वीर बन सकती है। साथ ही अगर बीजेपी अलायंस के साथ ये चुनाव लड़े तो क्या स्थिति हो सकती है। 

 

 

 

दोनों कंडीशन में बीजेपी रह सकती है नुकसान में

 

 

# कंडीशन 1 : बीजेपी बिना गठबंधन के ही 2019 का चुनाव लडे़ और पूरा विपक्ष मोदी के खिलाफ एकजुट रहे, तो...

 

 

- ऐसी स्थिति में कुल 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में से बीजेपी 368 सीटों वाले 22 राज्यों में कमजोर हो सकती है। 

- वहीं, 2014 में बीजेपी जितने राज्यों में सबसे मजबूत थी उससे तुलना करें तो पार्टी 12 राज्यों में कमजोर हो सकती है। इनमें 4 राज्य वो होंगे जिनमें पार्टी अलायंस की बदौलत सबसे बड़ा दल थी। वहीं, 8 राज्य ऐसे होंगे जहां बीजेपी अकेली सबसे बड़ी पार्टी थी।

- इन 12 राज्यों में यूपी, बिहार, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य शामिल हैं। यहां विपक्षी पार्टियों के एक होने पर वोटिंग पर्सेंटेज बीजेपी से ज्यादा पहुंच रहा है। 

- 2014 में वोटिंग पर्सेंटेज के लिहाज से बीजेपी को 21 राज्यों में सबसे ज्यादा वोट मिले थे। वहीं, अलायसं के साथ पार्टी 25 राज्यों में नंबर 1 थी। हालांकि, तब विपक्ष एकजुट नहीं था। 

 

 

 

# कंडीशन 2 : बीजेपी अलायंस के साथ ही अगले लोकसभा में जाए और पूरा विपक्ष मोदी के खिलाफ एकजुट रहे, तो...

 

 

- ऐसी स्थिति में कुल 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में से बीजेपी 17 राज्यों में कमजोर हो सकती है।

- वहीं, अगर 2014 की स्थिति से तुलना करें तो ये आंकड़ा 6 राज्यों का रह सकता है। इसे पिछली बार मिले वोटों के प्रतिशत के आधार पर निकाला गया है।

- 2014 में पार्टी अलायंस के साथ 25 राज्यों में नंबर 1 थी। 

 

 

 

सबसे ज्यादा सीटों वाले 5 बड़े राज्यों में भी BJP की रह सकती है कमजोर

 

- अगर 2019 में पूरा विपक्ष साथ मिलकर मोदी के खिलाफ चुनाव लड़े तो सीटों के लिहाज से 5 सबसे बड़े राज्यों में भी बीजेपी घट सकती है। लोकसभा की कुल 249 सीटें अकेले इन्हीं 5 राज्यों में हैं। तब बीजेपी का हाल यहां कुछ ऐसा हो सकता है :

 

# उत्तर प्रदेश (80 सीटें) : 

 

- 80 सीटों वाले इस राज्य में अगर कांग्रेस, सपा और बसपा साथ आकर मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं तो इनका वोटिंग पर्सेंटेज 50 से ज्यादा हो जाएगा। इससे बीजेपी कमजोर हो जाएगी।

 

# महाराष्ट्र (48 सीटें) :

 

- यहां शिवसेना और बीजेपी के रिश्ते में दरार आने लगी है। 2014 में महाराष्ट्र में बीजेपी को 27.30 प्रतिशत वोट मिले थे। अगर यहां शिवसेना अलग हो जाती है और मोदी विरोधी एक साथ हो जाते हैं तो फिर वो 34.10 प्रतिशत वोटों के साथ राज्य में विपक्षी नंबर 1 बन सकते हैं।

 

# पश्चिम बंगाल (42 सीटें) :

 

- यहां 2014 में बीजेपी को 18 प्रतिशत वोट मिले थे। 2019 में अगर राज्य में तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी एक साथ आ जाती हैं तो उनका वोट प्रतिशत 72.5 हो जाता है, जिससे बीजेपी के लिए बंगाल से ज्यादा लोकसभा सीटें निकालना मुश्किल हो जाएगा। 

 

# बिहार (40 सीटें) :

 

- यहां बीजेपी को 2014 में 29.40 % वोट मिले थे। इस वक्त जेडीयू बीजेपी के साथ है। अगर 2019 में जेडीयू अकेले चुनाव लड़ती है और विपक्ष यानी कांग्रेस और आरजेडी एक हो जाते हैं तो उनका वोट प्रतिशत मिलकर 29.7 होता है। ऐसे में बिहार में ज्यादा नुकसान नहीं होगा।

 

# तमिलनाडु (39  सीटें) :

 

- राज्य में बीजेपी की हालत ज्यादा अच्छी नहीं है। 2014 में उसे सिर्फ 5.5 प्रतिशत वोट ही मिले थे। ऐसे में अगर मोदी विरोधी पार्टियां साथ हो जाती है तो उनका वोट प्रतिशत 72.3 हो जाएगा। यानी तब यहां भी बीजेपी केवल सिंगल डिजिट में ही सीटें निकाल सकेगी। 

 

 

 

अभी तीन बड़े राज्यों में बीजेपी अलायंस ने बदले हैं तेवर

 

- बीजेपी की अलायंस पार्टियों ने अपने तेवर तीखे कर लिए हैं। इनमें महाराष्ट्र में ठाकरे की शिवसेना पार्टी, यूपी में ओम प्रकाश की भारतीय समाज पार्टी और बिहार में नीतीश की जेडीयू शामिल है। 

- कुल 168 सीटों के साथ लोक सभा के हिसाब से ये तीनों ही बड़े स्टेट हैं। तीनों में बीजेपी के गठबंधन में बगावत के सुर उठने लगे हैं। इससे सीधे तौर पर बीजेपी को 2019 के चुनाव में खतरा हो सकता है।

 

आगे की स्लाइड्स में देखिए दोनों ही कंडीशन में भारत के किन राज्यों में कितना फायदा या नुकसान हो सकता है बीजेपी को...

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