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प्रेरक प्रसंग- एक संत ने पानी की शीशी से दूर कर दिया महिला का क्रोध

dainikbhaskar.com | May 13, 2018, 04:55 PM IST

अगर बहुत ज्यादा गुस्सा आता है तो क्या करना चाहिए

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रिलिजन डेस्क। अगर किसी व्यक्ति को बहुत ज्यादा क्रोध आता है तो वह खुद भी परेशान रहता है और दूसरों को भी दुखी करता है। क्रोध को जल्दी से जल्दी काबू कर लेना चाहिए, अन्यथा सबकुछ बर्बाद भी हो सकता है। यहां जानिए एक क्रोधी महिला से जुड़ा चर्चित प्रेरक प्रसंग। इस प्रसंग में बताया गया है कि किस प्रकार कोई व्यक्ति अपने क्रोध को काबू कर सकता है…

ये है प्रसंग

- शांति नाम की एक महिला अत्यंत क्रोधी स्वभाव की थी। क्रोध में वह छोटा-बड़ा कुछ नहीं देखती थी और जो मुंह में आता, बोल देती थी। उसके परिजनों के साथ ही पूरा मोहल्ला उससे परेशान था। हालांकि, जब उसका क्रोध शांत होता तो उसे अपने व्यवहार पर बहुत पछतावा होता था।

- संयोगवश शांति के नगर में एक संत का आगमन हुआ। वह उनसे मिलने गई। संत से उसने कहा, 'महाराज। क्रोध करने की आदत ने मुझे सभी से दूर कर दिया है। बावजूद इसके मैं स्वयं को नहीं सुधार पा रही हूं। आप कोई रास्ता बताइए।‘

- संत ने उसे एक शीशी देते हुए कहा, 'इस दवा को पीने से तुम्हारा क्रोध शर्तिया चला जाएगा। बस जब तुम्हें क्रोध आए, तो इसे मुंह से लगाकर पीना और तब तक पीती रहना, जब तक कि क्रोध शांत न हो जाए। एक हफ्ते में तुम ठीक हो जाओगी।‘

- शांति ने संत के कहे अनुसार क्रोध आने पर उस दवा को पीना शुरू कर दिया। एक हफ्ते में उसका क्रोध काफी कम हो गया। तब उसने संत के पास जाकर आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'महाराज। आपकी चमत्कारी दवा से मेरा क्रोध वास्तव में गायब ही हो गया। मेरी जिज्ञासा है कि दवा का नाम क्या है?’

- शांति की बात सुनकर संत ने हंसते हुए समझाया, 'उस शीशी में सिर्फ पानी था, कोई दवा नहीं थी। चूंकि क्रोध आने पर तुम्हारी वाणी को मौन रखना था, इसलिए मैंने तुम्हें क्रोध आने पर इसे पीने को कहा, क्योंकि शीशी के मुंह में रहने से जब तुम बोल नहीं सकोगी तो सामने वाला तुम्हारे कटु वचनों से बच जाएगा।‘

- क्रोध हर स्थान पर बुरा नहीं होता, किंतु उसकी अति अनुचित है। इसीलिए हमें हर बात में क्रोध नहीं करना चाहिए, बल्कि जहां इसकी वास्तविक जरूरत हो, वहीं करना चाहिए। जब भी क्रोध आए किसी भी तरह हमें मौन हो जाना चाहिए। मन को शांत करना चाहिए। मन की शांति के लिए सबसे अच्छा उपाय मेडिटेशन है। लंबे समय तक मेडिटेशन करने से क्रोध को काबू किया जा सकता है।