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पहाड़ी इलाका होने के चलते इलेक्ट्रिक पैसेंजर प्लेन लाने की योजना बना रहा नॉर्वे, 30 सीटर होंगे विमान

DainikBhaskar.com | Aug 24, 2018, 02:08 AM IST

नॉर्वे एक ध्रुवीय देश है, ठंड में सड़क और समुद्र के रास्ते परिवहन मुश्किल होता है

एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनिया में करीब 100 इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट बनाए जा रहे हैं।
-- पूरी ख़बर पढ़ें --

- अभी स्लोवेनिया की कंपनी बना रही दो और चार सीटर इलेक्ट्रिक विमान

ओस्लो. नॉर्वे 2025 तक बैटरी से चलने वाले प्लेन लॉन्च करने की योजना बना रहा है।ये 30 सीटर होंगे। हाल ही में यहां के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर केतिल-सोल्विक ओल्सन और एयरपोर्ट कंपनी एविनोर के प्रमुख डैग फाक पीटरसन ने ऐसे ही दो सीटों वाले विमान में एकसाथ यात्रा की। इसे स्लोवेनिया की कंपनी पिपिस्ट्रल ने बनाया है।

ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में कटौती करने के लिहाज से यह विमान बेहद मददगार होगा। फाक पीटरसन कहते हैं, "तीन साल पहले हमारे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स फ्रांस के तूलो शहर गए थे। वहां एयरबस के अफसरों ने हमसे कहा था कि वे इलेक्ट्रिक विमान बनाने पर काम कर रहे हैं। बोइंग और नासा भी इस दिशा में काम कर रहे हैं। इसी के चलते हमने नॉर्वे में इलेक्ट्रिक विमान सेवा शुरू करने का फैसला किया।''

प्रयोग के लिहाज से नॉर्वे बेहतर : नॉर्वे का ज्यादातर हिस्सा पहाड़ी है। कई आईलैंड्स हैं। यहां कम दूरी की कई उड़ानें होती हैं। एविनोर नॉर्वे में 46 एयरपोर्ट संचालित करती है। रोड, रेल या नाव से सफर में ज्यादा वक्त लगता है, लिहाजा लोग हवाई यात्रा पसंद करते हैं। यहां सड़क या जलमार्ग से यात्रा इसलिए भी कठिन हो जाती है क्योंकि यह एक ध्रुवीय देश है और सर्दी के मौसम में बर्फ से रास्ते बंद हो जाते हैं। पीटरसन कहते हैं, "हमारे यहां से काफी उड़ानें होती हैं। दो उड़ानों के बीच 15 से 30 मिनट का ही अंतर होता है।''

दुनियाभर में बन रहे इलेक्ट्रिक विमान : एक कंसल्टिंग फर्म रोलैंड बर्जर ने बताया है कि दुनिया में इलेक्ट्रिक इंजन वाले एयरक्राफ्ट बनाए जा रहे हैं। स्लोवेनिया की पिपिस्ट्रल इनमें से एक है। कंपनी के प्रवक्ता टाजा बोस्केरोल कहते हैं, "हमारी कंपनी कई चार सीटर इलेक्ट्रिक विमान (टॉरस जी-4) बना रही है। टॉरस जी-4 दुनिया का पहला इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट है। हमारी कंपनी हाइड्रोजन पावर वाले विमानों पर भी काम कर रही है। यह 2019 में लॉन्च हो जाएगा।'' पीटरसन के मुताबिक, एयरबस भी 100 सीटर और एक बार बैटरी चार्ज करने के बाद 1000 किलोमीटर तक उड़ान भरने वाले इलेक्ट्रिक विमान पर काम कर रही है। इसे 2030 में लॉन्च करने की तैयारी है।

जुनुम भी बना रही ऐसा ही विमान : अमेरिका की जुनुम एयरो नाम की कंपनी भी कम दूरी की उड़ान वाले विमान बनाने में लगी है। जुनुम 2013 में बनी कंपनी है जिसमें बोइंग ने भी निवेश किया है। जुनुम के सीईओ आशीष कुमार कहते हैं, "हम नॉर्वे के प्लान पर लगातार विचार कर रहे हैं। हम एविएशन के बिजनेस में पांच साल से हैं। फिलहाल हमारी कंपनी कम दूरी के सफर वाले 12 सीटर विमान पर काम कर रही है जो 2022 में लॉन्च होगा। वहीं, 1600 किलोमीटर की दूरी तय करने वाला 50 सीटर विमान 2017 में लॉन्च होगा। नॉर्वे को जो चाहिए, हम उस पर काम शुरू कर सकते हैं।''

स्लोवेनिया की कंपनी ने दो और चार सीटर इलेक्ट्रिक प्लेन बनाए हैं।
अगर नॉर्वे इलेक्ट्रिक प्लेन की सेवा शुरू करता है तो ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला देश होगा।