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सुविधा/ अब साइबर क्राइम की ऑनलाइन करें शिकायत, क्या कार्रवाई हुई खुद ही करें ट्रैक



Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:11 PM IST

शिमला. किसी के साथ अगर साइबर अपराध होता है तो उसको शिकायत करने के लिए पुलिस के पास चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साइबर अपराध की अब ऑनलाइन शिकायत भी की जा सकती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने cybercrime.gov.in वेबसाइट लांच की है। इसे साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल नाम दिया गया है। वेबसाइट पर साइबर अपराध, ठगी, चाइल्ड पोर्नोग्राफी और रेप जैसी घटनाओं की शिकायतें दर्ज करवाई जा सकती हैं। किसी अपराध की ऑनलाइन शिकायत के बाद गृह मंत्रालय से मामला जांच के लिए प्रदेश पुलिस को भेजा जाएगा।

 

पुलिस को शिकायत गंभीरता से लेनी होगी और केस की निगरानी के लिए वरिष्ठ अफसर तैनात करना होगा। खुद गृह मंत्रालय भी केस पर नजर रखेगा और प्रगति की रिपोर्ट लेगा। गृह मंत्रालय की सुपरविजन में जहां केस की जांच तेजी से हो सकेगी, वहीं पुलिस भी जांच में लापरवाही नहीं बरत सकेगी। साइबर अपराध मुख्य रूप से ई-मेल, सोशल साइट, एप डाउनलोड, नेट बैंकिंग और एटीएम कार्ड की जानकारी लेकर किए जाते हैं। 

 

ऐसे करें ऑनलाइन शिकायत : सबसे पहले cybercrime.gov.in वेबसाइट ओपन करें। वेबसाइट खुलने के बाद Report anonymously पर क्लिक करें। कैटेगरी ऑफ क्राइम को सिलेक्ट करने के बाद सस्पेक्ट (जिस पर संदेह) के नाम, घटना की डिटेल, सस्पेक्ट के खिलाफ एविडेंस अपलोड करें और शिकायत सबमिट कर दें।

 

वेबसाइट पर शिकायत करने के बाद आपको एक नंबर मिलेगा। इस नंबर के आधार पर आपकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, इससे ट्रैक भी किया जा सकता है। इसके लिए वेबसाइट पर रिपोर्ट एंड ट्रैक बटन पर क्लिक करना होगा। वेबसाइट पर पहचान जारी किए बगैर भी शिकायत की जा सकती है। 

 

यह बरतें सावधानी : 

इंटरनेट इस्तेमाल करते समय अपनी निजी जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।  अनजान लोगों से इंटरनेट पर बातचीत या ई-मेल का आदान-प्रदान न करें।  इंटरनेट पर कोई भी तस्वीर डालने से परहेज करें। कोई इसका दुरुपयोग भी कर सकता है।  अपना किसी भी प्रकार का पासवर्ड कभी किसी से साझा न करें।  अंजान लोगों के ई-मेल का जवाब न दें। ई-मेल के माध्यम से प्रलोभन दिए जाते हैं। 

अवेयरनेस ही बचने का उपाय : पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से केवल जागरुकता से ही बचा जा सकता है। खासकर बच्चों और महिलाओं में जागरुकता जरूरी है। इनके ऐसे अपराध के शिकार होने की संभावना अधिक रहती है। स्कूली बच्चों को यह पता ही नहीं होता कि वह साइबर अपराध कर रहे हैं। दूसरे बच्चे को परेशान करने के लिए बच्चे कई बार सोशल साइट पर ऐसे अपराध कर देते हैं। जो बच्चे इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं, उनके अभिभावकों को अधिक सतर्क रहना चाहिए हैं। वे इंटरनेट पर क्या सर्च कर रहे हैं, इस पर चेक रखना आवश्यक है। 

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