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स्मार्ट यात्री बनें और ट्रेवल इंश्योरेंस के साथ बेफिक्र होकर उड़ान भरें

स्मार्ट ट्रेवलर सुरक्षित और मजेदार अनुभवों के लिए हमेशा कुछ चीजें अपने दिमाग में रखता है।

dainikbhaskar.com | Jun 08, 2018, 12:19 PM IST

ट्रेवलिंग या यात्रा हमेशा मजेदार होती है। कई लोगों को तो इसका नशा भी हो जाता है। यह नई जगहों को एक्सप्लोर करने, नए लोगों से मिलने और खुद को डिस्कवर करने का मौका देती है। यात्राएं प्राचीनकाल से ही हमारी जिंदगी का हिस्सा रही हैं। ऐसे कई यात्री रहे हैं जिन्होंने इतिहास पर खासा असर डाला है। यह दुनिया अमेरिका को जान नहीं पाती, अगर कोलम्बस यात्रा पर नहीं निकलते। यही स्थिति अन्य देशों की भी होती, यहां तक कि हमारे इंडिया की भी। यात्राओं की सबसे अच्छी बात यह है कि कोई भी यात्री बन सकता है। बस जरूरत है तो अपने कम्फर्ट जोन को छोड़ने और एक डेस्टीनेशन की। चाहे आप अपने परिवार के साथ किसी रेजॉर्ट में जाएं या फिर पीठ के पीछे बैग लटकाकर किसी पकाड़ी पर अकेले ही निकल जाएं, यात्रा आपको वह शांति देती है जो कोई और नहीं दे सकता।  

 

स्मार्ट ट्रेवलर सुरक्षित और मजेदार अनुभवों के लिए हमेशा कुछ चीजें अपने दिमाग में रखता है। जैसे कई लोग अपने लगेज के ऊपर मार्क कर देते हैं - नाजुक सामान। इसका नतीजा यह होता है कि एयरपोर्ट के अधिकारी उसे सामान के ढेर में सबसे ऊपर रख देते हैं जिससे उसे ढूंढना थोड़ा आसान हो जाता है। एक दूसरा तरीका यह होता है कि कपड़ों को फोल्ड करने के बजाय उन्हें रोल करके रखा जाता है। इससे  बैग में काफी स्पेस निकल आती है। हालांकि जो स्मार्ट से भी ज्यादा स्मार्ट ट्रेवलर होते हैं, वे कुछ और भी खास काम करते हैं। वे सफर पर निकलने के पहले ट्रेवल इंश्योरेंस करवा लेते हैं।  

 

इंश्योरेंस कोई बहुत ज्यादा खर्चीली चीज नहीं है। उसे खूब खर्च करने वाले यात्रियों से लेकर पैसे को चून-चूनकर खर्च करने वाले ट्रेवलर भी आसानी से ले सकते हैं। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की ‘ओवरसीज मेडिक्लेम’ पॉलिसी भी ऐसा ऑप्शन है जिस पर विचार किया जा सकता है। यह एक पैकेज पॉलिसी है जो विदेश यात्रा के दौरान आने वाली इमरजेंसीज को कवर करती है। यह तीन कैटेगरी में उपलब्ध हैं जिनके नाम हैं- बिजनेस एंड हॉलिडे, इम्प्लॉयमेंट एंड स्टडी और कॉरपोरेट फ्रीक्वेंट ट्रेवलर्स। यह पर्सनल एक्सीडेंट, पासपोर्ट या चेक्ड-इन बैगेज के खोने पर अतिरिक्त कवर प्रदान करती है। इसके अलावा मेडिकल इमरजेंसी (निकास भी शामिल), बैगेज के लेट पहुंचने और व्यक्तिगत जवाबदेही भी इस पॉलिसी में कवर रहती है। 


इतने दिन का होगा कवर :
बिजनेस और हॉलिडे के लिए : 0 से 180 दिन तक
रोजगार और अध्ययन के लिए : 30 दिन से लेकर पूरे कोर्स/रोजगार की अवधि तक
कॉरपोरेट फ्रिक्वेंट ट्रेवलर के लिए : सालाना पॉलिसी

 

इसलिए यात्राएं करते रहें। साथ ही अपने अनुभवों को भी कैमरे में कैद करते रहें। इमरजेंसी के लिए ट्रेवल इंश्योरेंस है ही। 


 

नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की ‘ओवरसीज मेडिक्लेम’ पॉलिसी के बारे में और भी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें : 

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