Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

सोशल सच/ पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के विरोध में इस देश में लोगों ने सड़क पर छोड़ दीं कारें! इस झूठे वायरल मैसेज की सच्चाई चौंकाने वाली है

Dainik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:34 PM IST
-- पूरी ख़बर पढ़ें --

Advertisement
  • फोटो के साथ क्या दावा किया जा रहा है?

     

    Advertisement

  • पड़ताल : क्या वाकई ऐसा हुआ था?

    इस वायरल फोटो की सच्चाई जानने के लिए हमने इस फोटो को गूगल रिवर्च इमेज पर सर्च किया। ढेरों लिंक ओपन हुई, जिसमें एक लिंक ब्रिटेन के एक अखबार 'द टेलीग्राफ' की भी थी। द टेलीग्राफ में यही खबर 1 अक्टूबर 2012 को लगी थी। इस फोटो के नीचे कैप्शन लिखा है '2012 में चीन के शेंजेन शहर के गुआंगडोंग प्रांत में ट्रैफिक जाम के दौरान कारें।' इस खबर से सोशल मीडिया पर जो दो दावे किए, वो दोनों ही गलत साबित हो गए। ये फोटो न ही जर्मनी की है और न ही पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने के विरोध में लोगों के प्रदर्शन की है। दरअसल, चीन में सड़क पर कार या गाड़ी चलाने के लिए मोटरवे टैक्स देना होता है, जिसे 2012 में सरकार ने खत्म करने का फैसला करते हुए 'फ्री रोड ट्रेवल' की घोषणा की थी। सरकार के इस फैसले के बाद गुआंगडोंग प्रांत के करीब 8 करोड़ 60 हजार से ज्यादा लोग अपनी कारों से घूमने के लिए निकले और इतनी कारें एकसाथ सड़कों पर आने के कारण लंबा जाम लग गया। जिसके बाद लोग अपनी कारों से निकलकर बाहर आ गए थे। यही खबर चीनी वेबसाइट 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' में भी 1 अक्टूबर 2012 को लगी थी। इसके मुताबिक, गुआंझोउ-शेंजेन एक्सप्रेस-वे पर 40 किलोमीटर लंबा जाम लगा था।