Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

हर शनिवार तिल के तेल से करें शनिदेव की आरती, बच सकते हैं साढ़ेसाती और ढय्या के बुरे असर से

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार बहुत खास दिन है। इस दिन शनिदेव की पूजा करने से सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं।

dainikbhaskar.com | Jul 12, 2018, 01:36 PM IST

रिलिजन डेस्क। जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती और ढय्या का असर होता है, उन्हें इस दौरान अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, इस समय मकर, धनु और वृश्चिक राशि पर इस समय साढ़ेसाती का प्रभाव है, वहीं वृषभ और कन्या पर ढय्या चल रही है। ये राशि वाले अगर शनिवार को शनिदेव की पूजा करने के बाद तिल के तेल से आरती करें तो शनिदेव प्रसन्न हो सकते हैं। आगे जानिए शनिदेव की पूजा की पूरी विधि...  


- शनिवार की शाम को स्नान आदि करने के बाद घर के किसी साफ स्थान पर शनिदेव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- शनिदेव को नीले फूल, काला कपड़ा, काली उड़द और काले तिल चढ़ाएं। साथ ही मीठी पूरी का भोग भी लगाएं।
- इसके बाद काली तुलसी की माला से ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप 108 बार करें।
- फिर तिल के तेल से 1 चौमुखा दीपक जलाएं और उससे शनिदेव की आरती करें-

जय-जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ।। जय-जय ।।
श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी ।
नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी ।। जय-जय ।।
क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी ।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहार ।। जय-जय ।।
मोदक मिष्ठान पान चढ़त है सुपारी ।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी ।। जय-जय ।।
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी ।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी ।। जय-जय ।।

- इसके बाद घर के हर कोने में आरती घुमाएं। इस तरह घर की नेगेटिविटी भी खत्म हो जाएगी।
- अंत में हाथ जोड़कर शनिदेव से परेशानियां दूर करने के लिए प्रार्थना करें।

 

Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

टॉप न्यूज़और देखें

Advertisement

बॉलीवुड और देखें

स्पोर्ट्स और देखें

Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

जीवन मंत्रऔर देखें

राज्यऔर देखें

वीडियोऔर देखें

बिज़नेसऔर देखें