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वकालत करते-करते जज का बेटा बन गया शूटर, 29 साल की उम्र में जीता पहला इंटरनेशनल मेडल

Manoj Kaushik | Aug 21, 2018, 12:13 PM IST

एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल में जीता कांस्य पदक।

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पलवल। जकार्ता में हो रहे 18वें एशियन गेम्स में हरियाणा के अभिषेक वर्मा ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। अभिषेक का यह पहला इंटरनेशनल मेडल है, जो उन्होंने 29 साल की उम्र में जीता। अभिषेक के पिता पलवल कोर्ट में सेशन जज हैं। अभिषेक खुद भी एलएलबी करते-करते शूटर बने हैं। अभिषेक वर्मा के पिता अशोक वर्मा बताते हैं कि 2015 से पहले उसके बेटे को शूटिंग का कुछ नहीं पता था। 2015 में उनकी पोस्टिंग हिसार में हुई। इसी दौरान अभिषेक जिम करने के लिए जाता था। उसे पता चला कि जिम के नजदीक ही एक शूटिंग रेंज है। अभिषेक उस शूटिंग रेंज में पहुंच गया और पहली बार राइफल उठाई। इत्तफाक से शूटिंग के लिए पहुंचे अभिषेक ने इस खेल को अपनी करियर बना लिया।

शूटिंग के साथ-साथ पूरी की एलएलबी:अशोक वर्मा बताते हैं कि अभिषेक ने बीटेक करने के बाद कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई शुरू की। एलएलबी के साथ-साथ शूटिंग की प्रैक्टिस जारी रखी और भोंड़सी शूटिंग रेंज में प्रैक्टिस शुरू कर दी। यहां कोच ओमेंद्र सिंह ने उन्हें खासी प्रैक्टिस करवाई, जिसके दम पर अभिषेक ने अॉल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को शूटिंग में रि-प्रेजेंट किया। पिछले साल अभिषेक ने केरल में हुए नेशनल गेम्स में सिल्वर मेडल जीता।

खुद के खर्च पर जर्मनी में लिया प्रशिक्षण:अभिषेक ने एशियाड के लिए भारतीय टीम के चयन क्वालिफिकेशन में 585 का स्कोर किया। उन्होंने जून में सलेक्शन ट्रायल्स के दौरान जीतू राय ओर अमनप्रीत सिंह को पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद अभिषेक ने अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए खुद के पैसे से जर्मनी में जाकर प्रशिक्षण लिया। अभिषेक की मां कुसुम वर्मा गृहिणी हैं और छोटा भाई आयुष वर्मा केंद्र सरकार में अधिकारी है।

पिता बोले- पढ़ाई हो या खेल हमेशा प्रोत्साहित किया:अशोक वर्मा कहते हैं कि उन्होंने अभिषेक को पढ़ाई के लिए कहने की कभी जरुरत नहीं पड़ी। वह पढ़ाई में भी अव्वल रहा है। जब उसने शूटिंग करने का निर्णय लिया तो पूरे परिवार ने उसको प्रोत्साहित किया। इस दौरान सबसे बड़ी समस्या शूटिंग रेंज की आई, जो हरियाणा में आज भी बहुत कम हैं। शूटिंग रेंज न होने से अभिषेक को भी दूर-दूर जाकर प्रैक्टिस करनी पड़ी।

अभिषेक के माता-पिता और छोटा भाई।
गोल्ड मेडल जीतने वाले सौरभ चौधरी व सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी के साथ अभिषेक वर्मा।
इवेंट के दौरान अभिषेक वर्मा।