Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

राजन के बयान से कांग्रेस का पर्दाफाश, उनकी गलत नीतियों से एनपीए बढ़े, बैंक बदहाल हुए: स्मृति ईरानी

DainikBhaskar.com | Sep 11, 2018, 03:16 PM IST

स्मृति ने कहा- कांग्रेस की ओर से नेशनल हेराल्ड को 90 करोड़ रुपए का लोन दिया गया

-- पूरी ख़बर पढ़ें --

नई दिल्ली. पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के बयान और नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी की याचिका रद्द होने पर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा 10 सितंबर की तारीख कांग्रेस और उसकी नीतियों का पर्दाफाश कर चुकी है। उन्होंने कहा- रघुराम राजन ने बताया कि कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के चलते ही एनपीए बढ़ा और बैंक बदहाल हुए। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की याचिका रद्द कर उनका चरित्र जनता के सामने ला दिया।

राहुल गांधी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 2011-12 के उनके टैक्स निर्धारण की फाइलें दोबारा खोले जाने को चुनौती दी थी। कोर्ट ने सोमवार याचिका खारिज कर दी।स्मृति ईरानी ने कहा- राहुल गांधी ने यंग इंडियन कंपनी खोली। इसका काम मुनाफे और घाटे का नहीं था। लेकिन इसने कमर्शियल कंपनी नेशनल हेराल्ड खरीदी। इसका जवाब राहुल गांधी को देना चाहिए।

अखबार प्रकाशित करने का मकसद नहीं तो कंपनी क्यों खरीदी : नेशनल हेराल्ड कंपनी को जब खरीदा गया तो तथ्य सामने आता है कि इस कंपनी को कांग्रेस की ओर से 90 करोड़ लोन दिया गया। किसी ने आज तक ऐसा उदाहरण नहीं देखा होगा कि ऐसी कंपनी जिसका काम मुनाफा और घाटे का न हो वह किसी कंपनी का लोन खरीदे। एसोसिएट्स जनरल नेशनल हेराल्ड समेत कांग्रेस के कई मुख्यपत्र प्रकाशित करता है। एक रिपोर्टर राहुल गांधी से इस बारे में सवाल पूछता है तो वे कहते हैं कि उनकी कंपनी का अखबार प्रकाशित करने का कोई मकसद नहीं है। राहुल का यह बयान 2012 में भी छपा। राहुल 50 लाख में कंपनी को खरीदने का क्या मकसद? जब अखबार छापना ही नहीं था।

लोन खरीदने के बाद मालिक बना गांधी परिवार : माना जाता है एसोसिएट्स जनरल कीदिल्ली, मुंबई, लखनऊ और हरियाणा में प्रॉपर्टी हैं। इस लोन को खरीदने के बाद राहुल गांधी, सोनिया, प्रियंका 99 फीसदी मालिक बनते हैं, उस कंपनी के जिसकी संपत्ति आज हजारों करोड़ रुपए है।

मोदी को गले लगाने में संकोच नहीं लेकिन अफसरों से भागते हैं राहुल :इस मामले पर जब इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट सक्रिय हुआ तो राहुल कोर्ट जाते हैं। ताकि अफसर अपना काम न कर पाएं। वे कोर्ट में कहते हैं कि मीडिया पर दबाव डाला जाए कि यह खबर प्रकाशित न की जाए। जो व्यक्ति प्रधानमंत्री को गले लगाने में कोई संकोच नहीं करता। वह इनकम टैक्स अफसरों से भागता है। राहुल की इस मांग को कोर्ट ने खारिज कर दिया। न्याय और कानून अपना काम कर रहा है।