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जोधपुर/ गंभीर मरीज की मदद के लिए आए विभागाध्यक्ष के साथ गाली-गलौच

Dainik Bhaskar | Sep 12, 2018, 07:12 AM IST
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Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 07:12 AM IST

जोधपुर

मथुरादास माथुर अस्पताल के नेफ्रोलॉजी वार्ड में मदद करने आए विभागाध्यक्ष के साथ ही मरीज के परिजनों ने गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार किया। मरीज के परिजनों ने विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष चतुर्वेदी के साथ हाथापाई करने की कोशिश की। रेजिडेंट और डॉक्टरों ने इसकी शिकायत एमडीएम पुलिस चौकी में की तो बाद में परिजनों ने डॉक्टर से पांव पकड़कर माफी मांगी।
दरअसल सोमवार को शकुंतला देवी (60) किडनी फेल होने के चलते नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती हुईं। वहां उनका इलाज डॉ. चतुर्वेदी की यूनिट में किया जा रहा था। मंगलवार शाम को मरीज की तबीयत खराब होने पर वहां कार्यरत रेजिडेंट ने डॉ. चतुर्वेदी को फोन करके मरीज की हालत बताई जिस पर कुछ देर बाद ही डॉक्टर चतुर्वेदी वहां आ गए और मरीज के परिजनों को पूरी स्थिति से अवगत कराकर उन्हें डायलिसिस करवाने के लिए कहा। डायलिसिस के दौरान मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर ने उन्हे मेडिकल आईसीयू में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। मरीज को तुरंत मेडिकल आईसीयू में शिफ्ट किया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही शाम करीब 7 बजकर 50 मिनट पर मरीज ने दम तोड़ दिया। इस पर नाराज परिजनों ने डॉ. चतुर्वेदी के साथ गालीगलौज कर हाथापाई करने की कोशिश की। वहां रेजिडेंट्स और गार्ड ने परिजनों काे अलग कर आईसीयू से बाहर निकाला। इसकी सूचना मिलते ही अन्य रेजिडेंट और सीनियर डॉक्टर मेडिकल आईसीयू में आए। एमडीएमएच अधीक्षक डॉ. एमके आसेरी, ट्रोमा इंचार्ज डॉ. विकास राजपुरोहित, न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. शरद थानवी, आरएमसीटीए के सचिव डॉ. विहान चौधरी, रेजिडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विवेक झाझड़िया समेत सभी रेजिडेंट वहां पहुंचे। उन्होंने गंगा ट्रोमा में बैठक कर अधीक्षक को लिखित शिकायत दी, फिर अधीक्षक ने कार्रवाई के लिए शिकायत पुलिस को सौंपी। बाद में मरीज के पति ने डाॅक्टर के साथ हुई बदतमीजी के लिए माफी मांगी तब मामला शांत हो गया।
परिजनों को मरीज की हालत की पूरी जानकारी थी, फिर भी किया अभद्र व्यवहार
डॉ. मनीष चतुर्वेदी ने कहा कि मरीज के परिजनों को हाई रिस्क के बारे में सूचना दे दी थी। उनका पूर्व में भी यही इलाज चल रहा था, बाद में आधा इलाज लेकर कहीं बाहर चले गए। सोमवार को फिर एमडीएम में आए तो भर्ती कर लिया। मरीज को बचाने की पूरी कोशिश की। परिजनों को सभी जानकारी होने के बाद भी अभद्र व्यवहार करने लगे, जिसकी शिकायत अधीक्षक के माध्यम से पुलिस को की।
अधीक्षक डॉ. एम के अासेरी ने कहा कि वरिष्ठ डॉक्टर के साथ हुई मारपीट गंभीर है, इसके लिए मिली शिकायत को पुलिस को दे दी।
आरएमसीटीए के अध्यक्ष डॉ. अफजल हकीम और सचिव डॉ. विहान चौधरी ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अस्पताल प्रशासन से डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग की।