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अहमदाबाद के ओढ़व में दो इमारतें धराशायी, एक की मौत, 5 घायल

Dainikbhaskar.com | Aug 27, 2018, 01:23 PM IST

गरीब आवास योजना के तहत बनाए गए शिवम फ्लैट के सी ब्लॉक के 23-24 नम्बर की दो इमारतें रविवार को हुई धराशायी।

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अहमदाबाद। शहर के ओढ़व में गुरुद्वारा के पास 20 साल पुरानी इंदिरा सरकारी गरीब आवास योजना के तहत बनाए गए फ्लैट्स के सी ब्लॉक के 23-24 की दो इमारतें रविवार की शाम को धराशायी हो गईं। इससे मलबे में 10-12 लोग दब गए। एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा 5 लोग घायल हो गए। लोगों को बचाने के लिए 6 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन। 1998 में बनी थी बिल्डिंग…

लोगों को मलबे से निकालने के लिए फायर ब्रिगेड केे 80 आैर एनडीआरएफ की 5 टीमें लगी थीं। स्निफर डॉग की भी सहायता ली गई। यह बिल्डिंग वर्ल्ड बैंक की सहायता से 1998 में कार्पोरेशन ने बनाई थी। 1999 में पजेशन दिया गया था। 32 फ्लैट्स में से चौथी मंजिल पर दो फ्लैट जर्जर हो गए थे। शनिवार को कई फ्लैट्स में दरारें देखने को मिली। इससे कार्पोरेशन ने उसे खाली करवाया। रविवार को इनमें से कुछ परिवार वापस आ गए। रविवार की रात आठ बजे छात पर स्लेब से दोनों ब्लॉक धराशायी हो गए। इसमें कई लोग दब गए। तुरंत फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई। तब शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, जो लगातार 6 घंटे तक चला।

आसपास की सभी बिल्डिंग खाली करवाई गई

शुरुआत में दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, इस दौरान कई लोगों को मलबे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। उधर सूचना मिलते ही गृहमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा समेत कमिश्नर विजय नेहरा, मेयर बिजल पटेल समेत कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। इस घटना के चलते आसपास की सभी बिल्डिंगें खाली करवा दी गई।

इमारतों के गिरने का कारण

1998 में गरीबों के लिए आवास म्युनिसिपल ने तैयार किया। जो 20 साल में ही जर्जर हो गई।

शनिवार को म्युनिसिपल ने 32 फ्लैट खाली करवाए, पर बेरिकेड्स नहीं बनवाए, इसलिए लोग वासपस आ गए।

रविवार को वापस जाने वालों को केवल नोटिस ही दिया गया। इसके 4 घंटे बाद फ्लैट टूट गए।