फैक्ट चेक / झूठी है P-500 पैरासिटामोल में वायरस होने की खबर,डॉक्टर ने कहा- गोली के कथित असर की तस्वीरें फर्जी

क्या वायरल : ऐसी पैरासिटामोल न खाएं जिस पर P-500 लिखा हो। इसमें खतरनाक वायरस पाया जाता है।
क्या सच : यह खबर झूठी है। पैरासिटामोल में ऐसा कोई वायरस नहीं पाया जाता, जो खतरनाक हो।

Dainik Bhaskar

Jul 16, 2019, 03:13 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें ऐसी पैरासिटामोल को खाने से मना किया जा रहा है, जिस पर P-500 लिखा है। इसे खाने से जान का खतरा बताया जा रहा है। हमने इसकी पड़ताल कर जाना कि क्या वाकई में पैरासिटामोल खाना खतरनाक हो सकता है? जानिए इस वायरल मैसेज की सच्चाई क्या है।

क्या वायरल

  • 'कृपया ये पैरासिटामोल न खाएं न खरीदें जिस परP-500 लिखा हो,इसमें एक जहरीला वायरस पाया गया है जो दुनिया के सबसे खतरनाक वायरस में से एक है। यह जानकारी सभी को भेजें'
  • यह मैसेज वॉट्सऐप के साथ ही फेसबुक पर भी वायरल किया जा रहा है।
  • पैरासिटामोल को लेकर यह मैसेज पहली बार वायरल नहीं हुआ बल्कि 2017 से ही इसे लेकर तरह-तरह की अफवाहें उड़ाई जा रही हैं।
  • 2017 में भी P-500 लिखी हुई पैरासिटामोल का न खाने की अफवाह उड़ाई गई थी। उस समय वायरल मैसेज के साथ यह भी लिखा गया था कि पी-500 लिखी हुई पैरासिटामोल बहुत सफेद और चमकदार होती है।
  • वायरल पोस्ट में सलाह देते हुए अंग्रेजी में लिखा गया था कि पैरासिटामोल मेंमाचुपो नामक वायरस होता है। इसे दुनिया के सबसे खतरनाक वायरस में से एक माना जाता है। इसे मैसेज को शेयर करने की अपील भी की गई थी।

  • इस मैसेज के साथ में एक महिला और एक युवक के फोटोज भी वायरल किए जा रहे हैं। दोनों के शरीर पर लाल चट्‌टे देखे जा सकते हैं।

क्या है सच्चाई

  • इस दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने मप्र के सबसे बड़ी सरकारी मेडिकल कॉलेज में से एक एमजीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ.वीपी पांडे से बात की। उन्होंने बताया कि यह दावा गलत है। पैरासिटामोल में ऐसा कोई वायरस नहीं पाया होता है। डॉ पांडे के मुताबिक, पैरासिटामोल ओवर द काउंटर मिलती है। इसे बिना प्रिस्क्रिप्शन के भी खरीदा जा सकता है क्योंकि यह सुरक्षित और अच्छी तरह से टेस्टेड है।
  • भारत के अलावा यह मैसेज अन्य कई देशों में भी पहले वायरल हो चुका है। पड़ताल करने पर हमें मलेशिया सरकार द्वारा जारी किया गया एक लेटर मिला जिसमें साफ लिखा है कि टेबलेट में किसी तरह का कोई वायरस नहीं है।

  • इंडोनेशिया का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (BPOM) भी आधिकारिक बयान जारी कर इसमें वायरस होने की बात को खारिज कर चुका है।
  • फैक्ट चेक करने वाली वेबसाइट स्नोप्स ने भी 7 मार्च 2017 को प्रकाशित किए गए आर्टिकल में इस दावे को झूठा पाया।

Share
Next Story

फैक्ट चेक / कुरूक्षेत्र से नहीं मिला घटोत्कच का विशाल कंकाल, वायरल तस्वीर एक कलाकृति की है

Next

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

Recommended News