फैक्ट चेक / डोभाल के नाम से वायरल मोदी को ड्रैकुला दिखाता पोस्टर, भारत में लगे होने का दावा झूठा

  • क्या वायरल : पीएम मोदी का अपमानजनक पोस्टर। इसे यह कहकर वायरल किया जा रहा है कि, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा यह पोस्टर लगाया गया है
  • क्या सच्चाई :अलीगढ़ पुलिस ने कहा, ऐसा कोई पोस्टर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी या भारत में नहीं लगा। वायरल पोस्टर लंदन में हुए प्रदर्शन के दौरान का है

Dainik Bhaskar

Aug 21, 2019, 12:44 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का एक अपमानजनक पोस्टर वायरल किया जा रहा है। इस पोस्टर के साथ में लिखा गया है कि 'मोदी द ड्रैकुला ऑफ कश्मीर'। इस पोस्टर को यह कहकर वायरल किया जा रहा है कि इसे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी द्वारा चस्पा किया गया है। कुछ यूजर्स ने इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी कर दी। दैनिक भास्कर मोबाइल ऐप के एक पाठक ने हमें यह पोस्टर भेजा और इसकी सत्यता जाननी चाही। पड़ताल में पता चला कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी द्वारा ऐसा कोई पोस्टर नहीं लगाया गया। जानिए पूरी सच्चाई।

क्या वायरल

  • पीएम मोदी की तस्वीर वाला एक पोस्टर। इसमें लिखा है 'मोदी द ड्रैकुला ऑफ कश्मीर'।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के फर्जी ट्वीटर अकाउंट से भी किसी ने इसे वायरल किया है।

  • कुछ यूजर्स ने लिखा है कि 'सूत्रों के अनुसार अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने धारा 370 हटाने के विरोध में इस तरह के पोस्टर लगाए हैं। क्या फायदा ऐसे लोगों को पढ़ाने का जिनकी सोच ऐसी जघन्य हो?उप्र के मुख्यमंत्री श्री @myogioffice जी से निवेदन है कि जिन्होंने ये पोस्टर लगाए हैं उनका ठीक से इलाज हो'

  • वहीं कुछ ने लिखा है कि 'अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में कुछ छात्र नेताओं द्वारा कश्मीर मुद्दे पर मोदी जी का यह बैनर लगाया गया है ,ऐसे युवा देश का भविष्य नहीं हो सकते जो राष्ट्रविरोधी हो,योगी सरकार से अपील है ऐसे लोगो पर सख्त कार्यवाही हो'

क्या है सच्चाई

  • पड़ताल में पता चला कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स द्वारा ऐसा कोई पोस्टर नहीं लगाया गया। दरअसल यह पोस्टर देश के किसी कोने में नहीं लगा बल्कि यह तो लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग के सामने हुए प्रदर्शन के दौरान लगाया गया पोस्टर था।
  • जम्मू-कश्मीर से धारा-370 को निष्प्रभावी करने के बाद 15 अगस्त को यह प्रदर्शन उच्चायोग के सामने हुआ।
  • एक पाकिस्तानी यूजर ने भी इसी फोटो को 16 अगस्त को ट्वीट किया था और भारतीय उच्चायोग के सामने हुए विरोध की बात लिखी थी।
  • सोशल मीडिया पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के नाम से यह पोस्टर होने के बाद अलीगढ़ पुलिस ने भी अपने आधिकारिक ट्वीटर अकाउंट पर इस बात की पुष्टि की है कि ऐसा पोस्टर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों द्वारा नहीं लगाया गया।
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