फैक्ट चेक / मनोज तिवारी के काफिले के चलते नहीं रोकी गई एम्बुलेंस, तीन साल पुराना वीडियो फिर वायरल

  • क्या वायरल : बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के काफिले को निकालने के लिए एम्बुलेंस को रोका गया। इससे एम्बुलेंस से हॉस्पिटल जा रही बच्ची ने दम तोड़ दिया
  • क्या सच : वीडियो 2017 का है। तब मलेशिया के पीएम के काफिले को निकालने के लिए ट्रैफिक रोका गया था। इसी दौरान एम्बुलेंस कारों के बीच बीच में फंस गई थी

Dainik Bhaskar

Sep 15, 2019, 05:11 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. सोशल मीडिया में एक पुराना वीडियो फिर वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि बीजेपी सासंद मनोज तिवारी के काफिले को निकालने के लिए पुलिस ने एम्बुलेंस को रोक दिया। इसके कारण एम्बुलेंस में जिंदगी की जंग लड़ रही बच्ची की जान चली गई। एक पाठक ने हमें यह वीडियो पुष्टि के लिए भेजा। पड़ताल में पता चला कि सोशल मीडिया का दावा गलत है। मनोज तिवारी ने खुद भी ट्वीट कर इसे झूठा बताया। इसके बाद इसे ट्वीट करने वाले यूजर ने तुरंत वीडियो को डिलीट कर दिया। इस वीडियो के जरिए पहले भी लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा चुकी है।

क्या वायरल

  • हाल ही में एक यूजर ने इसे ट्वीटर पर पोस्ट किया था लेकिन बाद में यूजर ने वीडियो डिलीट कर दिया।
  • सोशल मीडिया पर पिछले लंबे समय से यह वीडियो वायरल किया जा रहा है।
  • प्रीत नरूला नाम के यूजर ने इसे 2 साल पहले शेयर किया था, तब से अब तक यह 20 हजार से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है। उन्होंने कैप्शन लिखा था कि 'एम्बुलेंस में बच्ची से ज्यादा जरूरी वीआईपी हैं'
  • फेसबुक और ट्विटर पर कई यूजर इसे यह कहकर वायरल कर रहे हैं कि 'भाजपा सांसद मनोज तिवारी के लिए दिल्ली पुलिस ने एम्बुलेंस रोकी,..एम्बुलेंस में जिन्दगी और मौत से लड़ रही बच्ची थी और अंत में बच्ची ने दम तोड़ दिया '

क्या है सच्चाई

  • पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो 2017 में पहली बार इंटरनेट पर अपलोड हुआ था।
  • पड़ताल के दौरान हमें हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर मिली। जिससे पता चला कि यह 1 अप्रैल 2017 का वीडियो है।
  • 1 अप्रैल 2017 को मलेशिया के तत्कालीन पीएम नजीब रज़ाक के काफिले को निकालने के लिए राजघाट फ्लायओवर के पास ट्रैफिक को रोका गया था। इसी में एक एम्बुलेंस कारों के बीच फंस गई थी। जो एक घायल बच्ची को लेकर जा रही थी।
  • टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक कर्मचारी प्रीत नरूला ने इसे शूट कर लिया था। इसमें एक सीनियर पुलिस अधिकारी के हवाले से लिखा गया था कि, एम्बुलेंस ऐसी जगह फंसी थी, जिसके आगे-पीछे कई कारें खड़ी थीं। जैसी ही थोड़ी जगह मिली, एम्बुलेंस को निकाला गया था।
  • ट्विटर पर GAURAV-INC की आईडी से हाल ही में इस वीडियो को फिर अपलोड किया गया था।
  • मनोज सांसद मनोज तिवारी ने खुद ट्वीट कर बताया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा झूठा है। इसके बाद ट्वीटर यूजर ने वीडियो को डिलीट कर दिया।

  • इसी वीडियो को पहले यह कहकर भी वायरल किया जा चुका है कि राहुल गांधी के काफिले को निकालने के लिए एम्बुलेंस रोकी गई।
  • पड़ताल से स्पष्ट होता है कि वीडियो पुराना है और भाजपा सांसद से इसका कोई लेनादेना नहीं है।
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