पंजाब / बहबल कलां गोलीकांड में गिरफ्तार आईजी उमरानंगल 4 दिन की पुलिस रिमांड पर

  • एसआईटी नेचंडीगढ़ हेडक्वार्टर में की थी आईजी परमराज सिंह उमरानंगल सेपूछताछ
  • कुछ सवालों का जवाब नहीं दे पाए तो किया गया था गिरफ्तार
  • मंगलवार को फरीदकोट की जेएमआईसी एकता उप्पल की अदालत में पेश किया गयाउमरानंगल को

Dainik Bhaskar

Feb 19, 2019, 06:46 PM IST

फरीदकोट. लगभग साढ़े 3 साल पहले फरीदकोट जिले के गांव बहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड की जांच में गिरफ्तार किए गए आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।रिटायर्ड एसएसपी चरणजीत शर्मा से कई दिनों की पूछताछ के बाद एसआईटी ने सोमवार सुबह उमरानंगल से चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित पुलिस के हेडक्वार्टर में पूछताछ की। जब उमरानंगल सवालों से सही जवाब नहीं दे पाए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उमरानंगल को मंगलवार को फरीदकोट की जेएमआईसी एकता उप्पल की अदालत में पेश किया गया।

गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और फरीदकोट में प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियों के मामलों की जांच कर रही स्पेशल टीम में शामिल आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि आईजी उमरानंगल की गिरफ्तारी सबूतों और अब तक हुई जांच के आधार पर हुई है। इस संबंध में डीजीपी दिनकर गुप्ता और अन्य अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।


ये है मामला:12 अक्टूबर 2015 को फरीदकोट जिले के गांव बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला सामने आया था। इसके चलते सिख संगठनों व संगत ने कोटकपूरा व बरगाड़ी से सटे गांव बहबल कलां में धरना दिया था। इसी धरने के दौरान 14 अक्टूबर 2015 को पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में गांव नियामीवाला के दो लोगों की मौत हो गई थी।

एसआईटी और उमरानंगल के बीच हुए सवाल-जवाब

  • लुधियाना छोड़ आप फरीदकोट क्यों गए थे: मैं तो फरीदकोट प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने और मामला शांत कराने के लिए गया था, क्योंकि मुझे ऊपर से कहा गया था कि आप फरीदकोट जाओ। मुझे कोई लिखित आदेश नहीं दिए गए थे। इसलिए मैं इस संबंधी कुछ नहीं कह सकता।
  • आप अपनी रेंज से बाहर क्यों गए: फरीदकोट-मोगा चाहे मेरी रेंज से बाहर थे, लेकिन वहां पांच जिलों की पुलिस और सीनियर अधिकारियों को स्थिति से निपटने के लिए पहुंचने को ऊपर से कहा गया था, जिस कारण हम वहां गए थे।
  • 200 पुलिस कर्मी क्यों साथ लेकर गए: मैं 200 सुरक्षा पुलिस मुलाजिमों को साथ लेकर इसलिए गया था, क्योंकि स्थिति वहां काफी तनावपूर्ण बनी हुई थी और किसी भी असुखद घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की वहां अमन कानून की स्थिति बनाए रखने की जरूरत थी।
  • आपको किस अधिकारी ने फरीदकोट जाने के लिए कहा था: मुझे ऊपर से कहा गया था कि आप फरीदकोट-मोगा पहुंचो। वहां स्थिति को दूसरे पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर संभालो। इसलिए मैं वहां गया था। अक्सर हमें स्टेंडिंग हिदायतें फोन पर मिल जाती थी। यह कोई पहली बार नहीं था। ऐसे हालात में एक जिले की पुलिस को दूसरे जिलों में स्थिति संभालने के लिए भेजा जाता रहा है।
  • क्या आपने गोली चलाने के आदेश दिए थे: नहीं, न मैंने कोटकपूरा में, न फरीदकोट में और न ही बहबल कलां में गोली चलाने के कोई आदेश दिए। मैंने सिर्फ लॉ एंड आर्डर कंट्रोल करने के लिए अपनी ड्यूटी निभाई है। मुझे इस बारे कुछ भी नहीं पता। वहां स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण प्रदर्शनकारियों की तरफ से पुलिस मुलाजिमों पर किए गए हमले के बाद माहौल खराब होने के कारण अचानक घटना घटी थी। मुझे किसी ने भी गोली चलाने के आदेश नहीं दिए थे और न ही मैंने आगे गोली चलाने के आदेश दिए।
  • चरणजीत ने कहा कि आप फोर्स की कमांड कर रहे थे: चरणजीत शर्मा भी दूसरे जिले से ही वहां पहुंचे थे। उन्होंने क्या कहा है या नहीं कहा, इस बारे मैं कुछ नहीं कह सकता। मैं अकेला नहीं था। वहां बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, मोगा, लुधियाना समेत चंडीगढ़ हेडक्वार्टर से भी कई अधिकारी प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत के जरिये मामला हल करने पहुंचे हुए थे।

इन सवालों के जवाब नहीं दे सके आईजी

  • क्या आपको DGP सुमेध सिंह सैनी ने दिए थे लुधियाना छोड़ कर फरीदकोट पहुंचने के आदेश?
  • क्या आपको ADGP रोहित चौधरी ने दिया था लुधियाना छोडऩे का आदेश?
  • क्या आपके आदेशों पर चली कोटकपूरा और बहिबल कलां में गोली?
  • आपने फोर्स की कमांड किसके आदेशों पर की?
  • क्या आपको तत्कालीन मुख्यमंत्री/मुख्यमंत्री दफ्तर में से आदेश मिले थे?
  • क्या आपकी बातचीत तत्कालीन उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री सुखबीर सिंह बादल के साथ हुई थी?
  • क्या आपके ऊपर कोटकपूरा-फरीदकोट-मोगा-लुधियाना मुख्य सड़क खाली कराने के लिए बादलों के ट्रांसपोर्ट मैनेजर की तरफ से दबाव डाला गया? या उसके साथ आपकी कोई बातचीत हुई?
  • चरनजीत शर्मा से पूछताछ के दौरान जो खुलासे हुए हैं उनमें आपकी तरफ सीधी उंगली उठाई गई है?
  • गोली चलाने वाले पुलिस मुलाजिमों को बचाने के लिए सुबूत किसके आदेश पर मिटाने की कोशिश की गई?
  • क्या कोटकपूरा-फरीदकोट जिलों के साथ संबंधित एक विधायक और एक यूथ अकाली नेता भी आपके संपर्क में था?
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