एसीबी राजस्थान / कलेक्ट्रेट में तहसीलदार का रीडर पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार, ड्राइवर भागा

  • लाइसेंस रिन्यू करने की एवज में मांगी थी सात हजार की रिश्वत
  • तहसीलदार की भूमिका संदिग्ध, संपर्क करने पर बंद मिला मोबाइल

Dainik Bhaskar

Feb 19, 2019, 08:09 PM IST

जयपुर. कलेक्ट्रेट परिसर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को तहसीलदार गजेंद्र सिंह के रीडर विजय को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वहीं, तहसीलदार का ड्राइवर फरार हो गया। रिश्वत की यह रकम साहूकारी का लाइसेंस रिन्यू करने की एवज में मांगी जा रही थी।

एसीबी ट्रेप की खबर मिलने के बाद तहसीलदार गजेंद्र सिंह भी इधर-उधर हो गए।एसीबी ने संपर्क करना चाहा तो मोबाइल फोन स्विच्ड ऑफ आया। इससे तहसीलदार की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। यह कार्रवाई एडिशनल एसपी आलोक सिंहल के नेतृत्व में गठित टीम ने की। जानकारी के अनुसार साहूकारी का काम करने वाले परिवादी कालूसिंह ने गत 14 फरवरी को शिकायत दर्ज करवाई थी।

जिसमें बताया कि उसने कुछ दिनों पहले साहूकारी का लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए तहसीदार गजेंद्र सिंह के कार्यालय में आवेदन किया था। इसकी एवज में तहसीलदार का रीडर विजय व ड्राइवर अशोक अपने तहसीलदार के नाम पर सात हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे है। तब सौदा पांच हजार रुपए में तय हुआ।

इसी बीच एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया और आईजी दिनेश एमएन के निर्देश पर एएसपी आलोक सिंहल के नेतृत्व में टीम गठित की गई। मंगलवार को परिवादी कालू सिंह रिश्वत की रकम लेकर तहसीलदार कार्यालय में मौजूद रीडर विजय के पास पहुंचा। जहां रिश्वत की रकम लेते ही एसीबी ने उसे धर दबोचा। वहीं, ड्राइवर अशोक एसीबी ट्रेप की भनक लगने पर गायब हो गया।

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