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राजस्थान/ 2013 में एक भी सीट नहीं पाने वाली कांग्रेस को 6 सीटों का सीधा फायदा, भाजपा को 5 का नुकसान

  • भाजपा का मजबूत गढ़ जयपुर शहर इस बार ढहा, पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी खुद की सीट नहीं बचा पाए
  • लगातार तीन चुनाव जीतने वाले मोहन लाल गुप्ता और सुरेंद्र पारीक भी शिकस्त खा गए

Dainik Bhaskar

Dec 12, 2018, 04:09 AM IST

जयपुर. भाजपा का मजबूत गढ़ जयपुर शहर इस बार ढह गया। भाजपा ने शहर की 10 में से 6 सीटें गंवा दीं। पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी खुद की सीट नहीं बचा पाए। वहीं, लगातार तीन चुनाव जीतने वाले मोहन लाल गुप्ता और सुरेंद्र पारीक भी शिकस्त खा गए। हालांकि, भाजपा ने विद्याधर नगर, मालवीय नगर और सांगानेर सीटें बरकरार रखी हैं। लेकिन किशनपोल व हवामहल के साथ झोटवाड़ा और बगरू भी गंवा दी।

 

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संघ भी नहीं बचा पाया लाज

जयपुर शहर में आरएसएस ने पन्ना प्रमुख से लेकर बूथ स्तर तक अपने स्वयं सेवक तैनात किए थे। मतदाताओं को घर से निकालकर पोलिंग बूथ तक लाने का इन्हें जिम्मा दिया गया था। विद्याधर नगर के अलावा किशनपोल, हवामहल व सिविल लाइंस में संघ की पैठ कमजोर रही।

 

पहली बार शहर में दोनों मुस्लिम चेहरे जीते

किशनपोल से अमीन कागजी और आदर्शनगर सीट से रफीक खान इस बार जीत कर आए हैं। परिसीमन के बाद बदले हालात में कांग्रेस ने जयपुर शहर में हर चुनाव में 2 मुस्लिम चेहरे उतारे, लेकिन दोनों को जीत इस बार मिली है। 2013 में आदर्श नगर से माहिर आजाद और किशनपोल से अमीन कागजी उम्मीदवार थे। इससे पहले 2008 में आदर्श नगर से माहिर आजाद और किशनपोल से अश्क अली टाक को मौका मिला था। 2008 और 2013 में जयपुर शहर में कांग्रेस का एक भी मुस्लिम चेहरा जीत हासिल नहीं कर पाया। इन दोनों की जीत ने भाजपा के हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण के मंसूबों को भी ध्वस्त कर दिया।

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