राजस्थान / गुर्जरों ने किया बीजेपी को साफ, पहली बार एक भी गुर्जर बीजेपी से नहीं जीता

  • सचिन पायलट के पक्ष में उतरी पूरी गुर्जर जाति, एक साथ कांग्रेस के सात गुर्जर प्रत्याशी जीते
  • दोनों दलों के बीच 27 सीटों का अंतर जाट और गुर्जर की बीजेपी से बेरुखी ही रही

Dainik Bhaskar

Dec 12, 2018, 02:36 AM IST

जयपुर.बीजेपी को सत्ता से बाहर करने में सबसे बड़ा रोल गुर्जर जाति का रहा। बीजेपी ने इस विधानसभा चुनाव में 9 गुर्जरों को टिकट दिया था लेकिन उसका एक भी प्रत्याशी जीत दर्ज करने में सफल नहीं रहा। वहीं कांग्रेस ने 12 गुर्जर प्रत्याशियों को टिकट दिए जिनमें से 7 जीतने में सफल रहे।

इसी तरह बीजेपी ने जाटों को 29 टिकट दिए उनमें से 8 जीते। यानि सक्सेस रेट 27% है। वहीं कांग्रेस ने 32 जाटों को टिकट दिए उनमें से 11 जीते। यानि सक्सेस रेट 34% है। जातियां को साधने में बीजेपी विफल रही तो कांग्रेस के समीकरण सही बैठे।वहीं बीजेपी के वोट बैंक माने जाने वाले ब्राह्मणों ने दोनों पार्टियों को करीब बराबर सीटें दी। 6 ब्राह्मण बीजेपी से और 7 कांग्रेस से जीते। कुल मिलाकर गुर्जर एक ऐसी जाति रही जिनकी बीजेपी के प्रति खुलकर नाराजगी सामने आई। बराबर वोट प्रतिशत होने के बावजूद बीजेपी को सत्ता से बाहर करने में इस जाति का बड़ा रोल रहा है। राजपूतों ने इस बार चेहरा देखकर ही वोट किया।

3 बड़े कारण जिससे गुर्जर कांग्रेस की ओर आए

  • सचिन पायलट का संभावित सीएम चेहरा होना :सचिन पायलट एक साफ-सुथरी छवि के युवा नेता की पहचान रखते हैं। उनकी पकड़ हर समाज के युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गाें के बीच में है। वह सांसद से लेकर केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं। प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर पांच साल तक काम किया। उधर, गुर्जर समाज में उनका बड़ा प्रभाव है। यही कारण है कि कांग्रेस में सबसे अधिक गुर्जर विधायक जीते हैं। वहीं भाजपा में एक की भी जीत नहीं हो पाई है।
  • गुर्जर आरक्षण को लेकर नाराजगी :प्रदेश में गुर्जर आरक्षण का विवाद पिछले 12-13 वर्षों से चल रहा है। भाजपा ने गुर्जर समाज को 5% आरक्षण देने का वादा किया था लेकिन यह किन्हीं कारणों से पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में गुर्जर समाज को उम्मीद है कि पायलट के नेतृत्व में समाज को न्याय मिलेगा। उधर, गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला भी समाज के दबाव में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कई जगहों पर प्रदर्शन कर विरोध दर्जा कर चुके हैं। इसके अलावा प्रदेशभर में बीजेपी के विरोध के लिए आह्वान कर चुके हैं।
  • कई गुर्जर-मीणा बाहुल्य क्षेत्रों में किरोड़ी को कमान :कई गुर्जर-मीणा बाहुल्य क्षेत्रों में बीजेपी ने किरोड़ी लाल मीणा को प्रत्याशी चयन से लेकर रायशुमारी में शामिल किया। ऐसी जगहों पर गुर्जर नेताओं को नजरअंदाज किया गया। ऐसे में गुर्जरों ने पायलट के प्रति समर्पण दिखाया। गुर्जरों ने तय किया कि उनके क्षेत्र में अगर कोई कांग्रेस के टिकट पर मीणा भी प्रत्याशी लड़ेगा तो उसे वोट डाले जाएंगे, लेकिन बीजेपी को वोट नहीं डालने का कौल लिया गया। ताकि सचिन पायलट सीएम पद के लिए मजबूती से अपना पक्ष रख सकें।
  • पांच बड़ी जातियों का गणित एक नजर में

  • ब्राह्मण: दोनों दलों को बराबर मौका :बीजेपी ने 19 ब्राह्मणों को टिकट दिए उनमें से 6 जीते वहीं कांग्रेस ने 22 को टिकट दिए उनमें से 7 जीते। श्रीगंगानगर से एक निर्दलीय ब्राह्मण प्रत्याशी जीते।
  • गुर्जर: पहली बार भाजपा को नकारा :बीजेपी ने 9 गुर्जरों को टिकट दिए उनमें से जातीय ध्रुवीकरण के कारण एक भी नहीं जीता। वहीं कांग्रेस ने 12 गुर्जरों को टिकट दिए उनमें से 7 कैंडीडेट्स जीत गए। नदबई से बसपा के गुर्जर प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है।
  • जाट: कांग्रेस की ओरझुके :बीजेपी ने 29 जाटों के टिकट दिए, 8 जीते। कांग्रेस ने 32 को टिकट दिए उनमें से 11 जाट प्रत्याशी जीते। भादरा से सीपीएम के जाट प्रत्याशी बलवान जीते वहीं शाहपुरा जयपुर से निर्दलीय जाट प्रत्याशी आलोक जीते।
  • मीणा: कांग्रेस के एसटी के 4 प्रत्याशी जीते :बीजेपी ने मीणा-भील सहित एसटी के 28 उम्मीदवार उतारे उनमें से तीन मीणा प्रत्याशी जीते। वहीं कांग्रेस ने एसटी वर्ग के मीणा भील सहित 29 टिकट दिए उनमें से चार जीते। दो मीणा प्रत्याशी बस्सी जयपुर और महुआ से निर्दलीय जीते हैं।
  • राजपूत: पूरे साल भाजपा विरोध की हवा, चेहरा देखकर दिए वोट, भाजपा को 6 सीटें दीं :पूरे साल हवा थी कि राजपूत जाति बीजेपी से नाराज है और कई बार भाजपा के बहिष्कार के कुछ राजपूत संगठनों ने ऐलान भी किए, लेकिन चुनाव में राजपूतों का फिर से बीजेपी प्रेम ही दिखा। नाराजगी ज्यादा कहीं दिखी नहीं और चेहरा देख वोट दिए गए। बीजेपी ने 26 राजपूतों को टिकट दिए और उनमें से 6 जीते, वहीं कांग्रेस ने 15 राजपूतों को टिकट दिए और 4 ने जीत दर्ज की। उदयपुरवाटी से बसपा से राजपूत प्रत्याशी राजेंद्र गुढा जीते। कुल मिलाकर राजपूत भाजपा से ज्यादा नाराज नहीं दिखे।
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