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विधानसभा/ कर्जमाफी को कटारिया ने बताया लंगड़ा आदेश, गहलोत बोले- आप पढ़े लिखे ऐसे शब्द कैसे काम में ले सकते हैं

Dainik Bhaskar | Jan 18, 2019, 06:42 PM IST
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  • गौरतलब है कि पिछले दो दिनों से विधानसबा हंगामे भी भेंट चढ़ रही है

Dainik Bhaskar

Jan 18, 2019, 06:42 PM IST

जयपुर. राजस्थान विधानसभा का आज चौथा दिन है। माना जा रहा है कि आज बजट अभिभाषण पर बहस होगी। जिसके चलते हंगामे के आसार हैं। गौरतलब है कि पिछले दो दिनों से विधानसबा हंगामे भी भेंट चढ़ रही है। जिसके चलते गुरुवार को राज्यपाल का अभिभाषण भी पढ़ा मान लिया गया था।

लंगड़ा आदेश बोलने पर हंगामा

विधानसभा के चौथे दिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर बोले। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनने के 2 दिन बाद ही कर्जमाफी का ऐलान किया। हमारी मंशा देशभर के किसान का कर्ज माफ हो। वहीं कटारिया ने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सरकार बताए कि कितने किसानों का कर्जा माफ करेगी। कर्जमाफी के लिए क्या व्यवस्था है। इसके साथ उन्होंने इसे लंगड़ा आदेश बताया। गहलोत ने लंगड़ा आदेश बताने पर जताई आपत्ति। इस दौरान सदन में जमकर हंगामा भी हुआ। अशोक गहलोत ने कहा कि हम कर्जमाफी के आदेश हमने कर दिया है। इसकी प्रक्रिया में समय लगता है। इसके साथ उन्होंने कहा महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव सरकार जल्द ही विधानसभा में लाएगी। सोनिया गांधी लंबे समय से इस बिल के लिए कार्यरत हैं।

पौने तीन करोड़ जनता के प्रतिनिधि 135 विधायकों ने एक सवाल नहीं पूछा

नई सरकार में चुन कर आए विधायकों की सक्रियता और जनता के प्रति जवाबदेही का हाल यह है कि पहले सत्र में 135 विधायकों ने एक भी सवाल नहीं पूछा। ये 135 विधायक पौने तीन करोड़ जनता की तरफ से चुन कर सदन में पहुंचे हैं लेकिन पहले सत्र में जनता की एक भी मांग सरकार के सामने नहीं रख रहे हैं। जन समस्याओं को उठाकर सरकार को घेरना का सबसे बड़ा मंच होने के बावजूद विधानसभा में इस बार केवल 35 विधायकों ने 450 सवाल पूछे हैं। इनमें भी अभी तक केवल 70 तारांकित और अतारांकित सवाल पूछे जाने की अनुमति दी गई है।

सीएम और धारीवाल से कम सवाल, बाकी पर दबाव ज्यादा


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कार्मिक के केवल 7 सवाल, वित्त के केवल 6 सवाल लगाए गए हैं। इसी तरह नगरीय विकास विभाग मंत्री शांति धारीवाल से भी यूडीएच के केवल 5 सवाल पूछे गए हैं। इनमें भी दो मेट्रो से जुड़े हैं। वन विभाग के मंत्री सुखराम विश्नोई से भी केवल 6 सवाल पूछे गए हैं। गहलोत और धारीवाल जैसे कद्दावर मंत्रियों और सीएम की जगह पहले सत्र में विधायकों ने दूसरे मंत्रियों को घेरने का ज्यादा जोर रखा।

कर्जमाफी पर ही सहकारिता मंत्री से 11 सवाल


सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजणा कर्जमाफी को लेकर घिरे रहने वाले हैं। सहकारिता विभाग 23 में से 11 सवाल कर्जमाफी से ही जुड़े हुए हैं। विधायकों ने और खासकर बीजेपी के राजेंद्र राठौड़ और अन्य विधायकों ने कर्जमाफी को लेकर सरकार को घेरने का विशेष प्लान बनाया है और इतने सवाल इसलिए पूछे गए हैं कि एक भी विधायक का सवाल प्रश्नकाल में लगने पर सरकार को घेरा जा सके। इसी तरह कृषि मंत्री लालचंद कटारिया से हालांकि 11 सवाल पूछे हैं उनमें से 6 सवाल केवल यूरिया सप्लाई को लेकर हैं। कुल 450 में से 232 तारांकित और 218 सवाल अतारांकित लगाए गए हैं।