राजस्थान चुनाव / 20 साल बाद; सचिन पायलट पहले पीसीसी चीफ, जिन्होंने सत्ता दिलाई

  • 1998 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अशोक गहलोत ने भाजपा के भैरोंसिंह शेखावत को पराजित किया था
  • मुख्यमंत्री का सेहरा पायलट के सिर बंधता है या गहलोत के, आज हो जाएगा फैसला

Dainik Bhaskar

Dec 12, 2018, 03:10 AM IST

प्रेम प्रताप सिंह(जयपुर).राजस्थान की राजनीति में पिछले दो दशक में पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पहली बार में न केवल खुद भारी अंतर से जीत हासिल की, बल्कि पार्टी को भी सत्ता के दरवाजे तक पहुंचा दिया।

जी हां! हम बात कर रहे हैं- सचिन पायलट की। इससे पहले 1998 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अशोक गहलोत ने भाजपा के भैरोंसिंह शेखावत को पराजित किया था, लेकिन तब उन्हें दूसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली थी। भाजपा को हराने के बाद कांग्रेस ने अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बनाया था। ऐसे में सवाल यह है कि क्या अशोक गहलोत की तर्ज पर सचिन पायलट भी प्रदेश के अगले सीएम होंगे या फिर अशोक गहलोत के सिर ही सीएम का सेहरा बंधेगा।

1985

गहलोत पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष बने :अशोक गहलोत पहली बार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने गहलोत के बाद हीरा लाल देवपुरा व परसराम मदेरणा अध्यक्ष बने।

1990

मदेरणा अध्यक्ष थे भाजपा की जीत :परसराम मदेरणा के कार्यकाल में कांग्रेस को हार झेलनी पड़ी। पहली बार राजस्थान में भाजपा ने अपनी सरकार बनाई थी।

1995

मदेरणा अध्यक्ष थे भाजपा की जीत :परसराम मदेरणा के कार्यकाल में कांग्रेस को हार झेलनी पड़ी। पहली बार राजस्थान में भाजपा ने अपनी सरकार बनाई थी।

1998

कांग्रेस की जीत, गहलोत मुख्यमंत्री :गहलोत के नेतृत्व में आठ साल बाद कांग्रेस का वनवास खत्म हुआ। गहलोत प्रदेश अध्यक्ष से सीधे सीएम बन गए।

2003

गिरिजा अध्यक्ष, कांग्रेस हार गई :तब अशोक गहलोत सीएम थे, पीसीसी चीफ गिरिजा व्यास थीं, लेकिन कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा।

2008

जोशी अध्यक्ष बने पर खुद हार गए :विधानसभा चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी थे। सीपी जोशी ने सरकार को सत्ता के दरवाजे तक तो पहुंचा दिया, लेकिन वह खुद एक वोट चुनाव हार गए थे। उस वक्त सीपी जोशी ही मुख्यमंत्री के सबसे मजबूत दावेदार थे। ऐसे में पार्टी ने फिर अशोक गहलोत को सीएम बनाया था।

2013

चंद्रभान अध्यक्ष थे कांग्रेस की बुरी हार :तब अशोक गहलोत प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और पीसीसी चीफ डाॅ. चंद्रभान थे, लेकिन कांग्रेस की करारी हार हुई। कांग्रेस 21 सीट पर सिमट गई। पिछले चुनाव में मोदी लहर के कारण भाजपा ने ऐतिहासिक 166 सीटों पर जीत हासिल की थी, जो अब तक का रिकॉर्ड था।

2018

...और सचिन पायलट ने कमान संभाली :कांग्रेस आलाकमान ने सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष बनाया। पीसीसी चीफ बनते ही पायलट की पहली परीक्षा मोदी लहर में लोकसभा चुनाव में हुई, जिसमें वह फेल हो गए। इसके बाद से लेकर 2018 के बीच जितने भी उपचुनाव हुए, उसमें से 90 फीसदी उपचुनावों में कांग्रेस को जीत हुई।

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