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सिरोही / 500 क्विंटल नकली जीरा बरामद, एक साल में मंडियों में बेचा 660 टन, लागत सिर्फ 10 रुपए प्रति किलोग्राम

फैक्ट्री से बरामद नकली जीरा।

  • जंगली घास, गुड़ की पात और पत्थरों के पाउडर से तैयार किया गया जीरा
  • ऊंझा व नडियाद मंडी में हर महीने बेचता था 55 टन से अधिक जीरा

Dainik Bhaskar

Apr 16, 2019, 10:50 AM IST

सिरोही. सिरोही पुलिस ने सोमवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए खेत में नकली जीरा बनाने की फैक्ट्री पकड़ वहां से 500 क्विंटल जीरा जब्त किया है। हैरानी की बात यह है कि पहली बार हुई इस तरह की कार्रवाई ने अधिकारियों को भी इसलिए चौंका दिया जब उन्हें पता चला कि यह जीरा जंगली घास, गुड़ की पात और पत्थर के पाउडर से बनाते थे। सूचना मिलने पर खाद्य विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और नकली जीरे को सीज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही मौके से उत्तरप्रदेश के 12 बंधुआ मजदूरों को भी छुड़ाया।

एसपी कल्याणमल मीना ने बताया कि सोमवार को भीमाणा हाइवे स्थित हरिसिंह के कुएं पर नकली जीरा बनाने वाली फैक्ट्री की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस टीम ने नकली जीरा बनाने की फैक्ट्री पर दबिश दी। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक उत्तरप्रदेश के जलालाबाद, जिला शाहजहांपुर निवासी संजय पुत्र मंशीलाल गुप्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह यहां करीब एक साल से नकली जीरा बनाने की फैक्ट्री चला रहा था। पुलिस को मौके से जंगली घास, गुड की पात के ड्रम और पत्थरों के चूरे से बना करीब 500 क्विंटल जीरा भी मिला। सूचना मिलते ही एसपी कल्याणमल मीना मौके पर पहुंचे और खाद्य विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। खाद्य निरीक्षक विनोद शर्मा व चिकित्सा विभाग से एसआई बाबूलाल गुर्जर मौके पर पहुंचे तथा नकली जीरे के सैंपल लेकर जीरा सीज किया।

ऐसे तैयार करते थे जानलेवा नकली जीरा
जंगली घाससे फैक्ट्री में नकली जीरा तैयार किया जाता था। फैक्ट्री मालिक यूपी में नदियों के किनारे से घास लाता था और यहां फिनिशिंग के लिए पत्थरों का पाउडर लगाता था। आरोपी यूपी से 5 से 6 रुपए किलो में यह घास लाता था, वहां की नदियों के किनारे यह जंगली घास ऊगती थी। इसके बाद इसे यहां गुड़ की पात में मिलाकर सुखा देता, ताकि जीरे जैसा रंग आ जाए। फिनिशिंग के लिए पत्थरों व स्लरी का पाउडर डालता था। खास बात यह थी की सामान्य जीरे की तरह इसमें किसी तरह की खुशबू नहीं होती थी।


हर महीने मंडी में बेचता था साढ़े 16 लाख का 55 टन जीरा
पिछले एक साल में ऊंझा व नडियाद की जीरा मंडियो हर महीने 11 ट्रक भेजता था। यानि एक ट्रक में 5 टन और कुल 55 टन जीरा। जिसे वह 25 से 30 किलो रुपए में बेचता था, यानि हर महीने मंडियो में 16 लाख 50 हजार का जीरा वह बेचता था। मौके से करीब 15 लाख से अधिक का जीरा जब्त किया गया है। आरोपी ने बताया कि नकली जीरा बनाने के लिए महज 10 से 12 रुपए की लागत आती थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि यह ऊंझा व नडियाद की जीरा मंडी में 25 से 30 रुपए किलो तक बेचता था। आबूरोड ट्रांसपोर्ट कंपनी की डुप्लीकेट बिल्टी आरोपी से हुई पूछताछ में पुलिस को बताया कि ऊंझा व नडियाद की जीरा मंडी में इसे बेचने के लिए आबूरोड की एमके ट्रांसपोर्ट नाम की डुप्लीकेट बिल्टियां बना रखी थीं। इसी ट्रांसपोर्ट के नाम वह यह जीरा मंडियाें में भेजता था।

फैक्ट्री से छुड़ाए 12 बंधुआ मजदूर
नकली जीरे बनाने की फैक्ट्री पर पुलिस की दबिश के दौरान यूपी के 12 बंधुआ मजदूर भी वहां काम करते पाए गए थे, जिन्हें यह ढाई रुपए किलो के हिसाब से मजदूरी देता था।


यूपी में भी संचालित कर चुका है नकली जीरा बनाने की फैक्ट्री
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इससे पूर्व वह यूपी के जलालाबाद में नकली जीरा बनाने की फैक्ट्री चला चुका है। अब ऐसे में यह भी संदेह है कि सिरोही से गुजरात की सीमा नजदीक होने की वजह से आरोपी एक साल से यहां पर नकली जीरे की फैक्ट्री संचालित कर रहा है।

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